BSE Sensex 374 अंक चढ़ा, Reliance Industries और बैंक शेयरों में लिवाली

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 06, 2026

मुंबई, छह अगस्त स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को मिला-जुला रुख रहा। कच्चे तेल के दाम में नरमी और रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 374 अंक के लाभ में रहा, जबकि एनएसई निफ्टी में मामूली 11 अंक की तेजी रही। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान पूरे समय सकारात्मक दायरे में रहा।

सोमवार से दोनों प्रमुख सूचकांकों के प्रदर्शन में अंतर देखने को मिल रहा है। यह बदलाव उन शेयरों के लिए नई नीलामी व्यवस्था लागू किए जाने के बाद आया है, जिनमें वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) अनुबंध उपलब्ध हैं। इक्विटी नकद खंड में समापन नीलामी सत्र (सीएएस) सोमवार से शुरू हुआ।

इसके तहत पात्र शेयरों के समापन मूल्य तय करने के लिए नीलामी आधारित नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य कीमत निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना है। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार में मिश्रित रुख रहा...।

निवेशकों की धारणा पश्चिम एशिया संघर्ष के कूटनीतिक समाधान की उम्मीद के बीच सतर्क लेकिन सकारात्मक बनी रही।’’ उन्होंने कहा कि निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करते हुए लगभग स्थिर रहा। सेंसेक्स में बढ़त दर्ज की गई, जिसे मुख्य रूप से प्रमुख शेयरों में लिवाली से समर्थन मिला। राधाकृष्णन ने कहा कि एनएसई की समापन नीलामी सत्र व्यवस्था शुरू होने के चार सत्रों के बाद सेंसेक्स और निफ्टी के बीच अंतर अब केवल बदलाव के दौर की वजह से नहीं, बल्कि बाजार की नकदी में अंतर को दर्शा रहा है।

बीस मिनट की समापन नीलामी प्रक्रिया दोनों सूचकांकों के लिए अलग-अलग परिणाम दे रही है क्योंकि संस्थागत निवेशकों के ऑर्डर सेंसेक्स के मुकाबले निफ्टी के शेयरों में अधिक केंद्रित हैं। परिणामस्वरूप निफ्टी का बंद स्तर अब समापन नीलामी सत्र से तय होने वाली कीमतों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है, जबकि सेंसेक्स पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा है।’’ सेंसेक्स में शामिल शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे अधिक 3.43 प्रतिशत की तेजी रही। इसके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईसीआईसीआई बैंक, इटर्नल और टाइटन भी बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंटरग्लोब एविएशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के शेयर में 3.99 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ जून तिमाही में सालाना आधार पर मामूली गिरावट के साथ 3,598.42 करोड़ रुपये रहा।

वैश्विक कच्चा तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 79.52 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी , हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्कीनुकसान में रहे। वहीं शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी रही। जबकि बुधवार को अमेरिकी बाजारों में ज्यादातर गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 943.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।

सेंसेक्स बुधवार को 152.05 अंक यानी बढ़कर 78,581 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 9.75 अंक की हल्की तेजी के साथ 24,624.65 अंक पर रहा था।

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