पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा हिरासत में लिए गए BSF जवान को सीमा चौकी से ले जाया गया, रिहाई के प्रयास जारी, परिवार कर रहा इंतजार

By रेनू तिवारी | Apr 25, 2025

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान का परिवार बृहस्पतिवार को उसकी सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जिसे पंजाब में गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के कारण पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। पंजाब में फिरोजपुर सीमा पर बीएसएफ की 182वीं बटालियन में तैनात पी के साहू को बुधवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था।  बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के एक कांस्टेबल की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं। सूत्रों के अनुसार, कांस्टेबल को अब सीमा चौकी से दूर पाकिस्तानी क्षेत्र में ले जाया गया है। 

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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, घटना के समय जवान वर्दी में था और उसके पास उसकी सरकारी राइफल थी। सूत्रों ने कहा कि करीब 40 वर्षीय साहू घर से छुट्टी बिताने के बाद 31 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे। साहू के परिवार के सदस्यों के अनुसार, वह बीएसएफ में 17 साल से हैं और अपने माता-पिता, पत्नी और सात साल के बेटे के साथ रहते हैं। इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। खबर मिलने के बाद से उनकी पत्नी रजनी साहू बेसुध हैं। रजनी ने कहा, “उनके एक सहकर्मी ने हमें फोन करके बताया कि उन्हें ड्यूटी के दौरान पकड़ लिया गया है। मैंने उनसे आखिरी बार मंगलवार रात को बात की थी। वह 17 साल से बीएसएफ में हैं। मैं बस यही चाहती हूं कि वह जल्द ही घर लौट आएं।” हुगली के रिशरा के हरिसभा इलाके के रहने वाले साहू कथित तौर पर सीमा के पास किसानों के एक समूह के साथ थे, तभी वह एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए आगे बढ़े और अनजाने में पाकिस्तान की सीमा में चले गए, जहां उन्हें पकड़ लिया गया। 

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साहू के भाई श्यामसुंदर साहू ने केंद्र सरकार और बीएसएफ अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने एक बांग्ला समाचार चैनल से कहा, हम चाहते हैं कि सरकार उनकी सुरक्षित और तत्काल वापसी सुनिश्चित करे। पूरा परिवार बेहद चिंतित है। जैसे ही खबर फैली, पड़ोसी और शुभचिंतक रिशरा में साहू के घर के बाहर जमा हो गए। आगंतुकों से घिरे परिवार के लोग अच्छी खबर की उम्मीद में टीवी पर टकटकी लगाकर समाचार देखते नजर आए। घटना पहलगाम आतंकी हमले के बाद उपजी तनावपूर्ण स्थिति के बीच हुई है। भारत ने हमले के सिलसिले में आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। इस बीच, अधिकारियों ने कहा कि बीएसएफ जवान की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए दोनों बलों के बीच फ्लैग मीटिंग जारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं और दोनों पक्षों के बीच पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे और एक दर्जन से अधिक अन्य घायल हो गए। यह 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक रहा है। हालांकि, सरकार ने अभी तक पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हताहतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने जिम्मेदार आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। हमले के बाद से सुरक्षा बढ़ा दी गई है, तथा क्षेत्र से प्राप्त दृश्यों में आमतौर पर चहल-पहल वाले इस पर्यटक क्षेत्र की सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं।

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