By रेनू तिवारी | Feb 01, 2026
संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी घोषणा की है। सरकार ने देश के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Bullet Train Corridors) विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि भारत के परिवहन नेटवर्क को वैश्विक मानकों के करीब ले जाएगा।
सीतारमण ने कहा, "मैं पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले एक नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर की स्थापना का प्रस्ताव करती हूं। अगले पांच सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू किया जाएगा। इसकी शुरुआत ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज समृद्ध क्षेत्रों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धामरा के बंदरगाहों से जोड़ेगा। इन जलमार्गों के लिए आवश्यक मानव शक्ति के विकास के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इससे जलमार्गों के पूरे क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल हासिल करने में फायदा होगा। इसके अलावा, वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक जहाज मरम्मत इकोसिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।"
"हमने भारत में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत सात हाई-speed रेल कॉरिडोर के विकास का प्रस्ताव दिया है। मुख्य मार्गों में शामिल हैं: मुंबई से पुणे; पुणे से हैदराबाद; हैदराबाद से बेंगलुरु; बेंगलुरु से चेन्नई। केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत देश भर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कॉरिडोर की योजना बनाई गई है।"
उन्होंने कहा कि केंद्र 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों, यानी टियर 2 और टियर 3 शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेगा।