By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 01, 2021
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट में ‘‘आत्मनिर्भरता’’ की दृष्टि है जो हर क्षेत्र में ‘‘ऑल राउंड’’ विकास की बात करता है और इसके दिल में गांव और किसान हैं। बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2021 का बजट असाधारण परिस्थितियों के बीच पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें यथार्थ का एहसास भी और विकास का विश्वास भी है। उन्होंने कहा, ‘‘देश में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए, किसानों की आय बढ़ाने के लिए इस बजट में बहुत जोर दिया गया है और कई प्रावधान किए गए हैं। कृषि क्षेत्र में किसानों को और आसानी से तथा ज्यादा ऋण मिल सकेगा। देश की मंडियों को यानी एपीएमसी को और मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष से मदद का प्रावधान किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि कोरोना ने दुनिया में जो प्रभाव पैदा किया, उसने पूरी मानव जाति को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों के बीच आज का बजट भारत के आत्मविश्वास को उजागर करने वाला है। और साथ ही दुनिया में एक नया आत्मविश्वास भरने वाला है। आज के बजट में आत्मनिर्भरता का विजन भी है और हर नागरिक, हर वर्ग का समावेश भी है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में जिन सिद्धांतों को लेकर सरकार आगे गढ़ी है उनमें विकास के लिए नए अवसरों व नई संभावनाओं का विस्तार करना, युवाओं के लिए नए अवसरों का निर्माण करना, मानव संसाधन को एक नया आयाम देना, अवसंरचना निर्माण के लिए नए-नए क्षेत्रों को विकसित करना, आधुनिकता की तरफ आगे बढ़ना और नए सुधार लाना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर आम लोगों के जीवन में सुगमता बढ़ाने पर इस बजट में जोर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ये बजट व्यक्ति विशेष, निवेशकों और उद्योग के साथ ही अवसंरचना के क्षेत्र में बहुत सकारात्मक बदलाव लाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा बजट कम ही देखने को मिलता हैं जिसके प्रस्तुतिकरण के शुरुआती घंटों में बड़ी संख्या में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आती हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते कई विशेषज्ञ ये मानकर चल रहे थे सरकार आम नागरिकों पर बोझ बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन राजकोषीय वहनीयता के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट आकार बढ़ाने पर जोर दिया। हमारी सरकार ने निरंतर प्रयास किया है कि बजट पारदर्शी होना चाहिए। मुझे खुशी है कि आज अनेक विद्वानों ने इस बजट की पारदर्शिता की सराहना की है।’’
मोदी ने कहा कि भारत, कोरोना की लड़ाई में ‘‘रीएक्टिव (प्रतिक्रिया करने वाला)’’ होने के स्थान पर हमेशा ही ‘‘प्रो-एक्टिव (पहले से सक्रिय)’’ रहा। चाहे कोरोना काल में किए गए सुधार हों या फिर आत्मनिर्भर भारत का संकल्प। उन्होंने कहा, ‘‘इसी सक्रियता को बढ़ाते हुए आज के बजट में भी रीएक्टिविटी का नामोनिशान नहीं है। साथ ही, हम सक्रियता पर भी अटके नहीं है और हमनेपहले से सक्रिय होने वाला बजट देकर देश के सामने प्रो-एक्टिव होने का संदेश दिया है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में एमएसएमई और अवसंरचना पर विशेष रूप से जोर दिया गया है और जिस तरह से इसमें स्वास्थ्य को केंद्रित किया गया है वह ‘‘अभूतपूर्व’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘ये बजट देश के हर क्षेत्र में विकास, यानी ऑल राउंड (चौतरफा) विकास की बात करता है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इस बजट में दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों और उत्तर में लेह लद्दाख जैसे क्षेत्रों में विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि ये बजट तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल जैसे तटीय राज्यों को एक ‘‘बिजनेस पावर हाउस’’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्य खासकर असम में छिपी क्षमताओं को सामने लाने में ये बजट बहुत बड़ी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इस बजट में जिस तरह से शोध और नवाचार के तंत्र पर बल दिया गया है उनसे युवाओं को ताकत मिलेगी तथा भारत उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत ठोस कदम रखेगा। उन्होंने कहा, ‘‘देश के सामान्य जन का, महिलाओं का जीवन आसान बनाने के लिए उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, शुद्ध जल और अवसरों की समानता पर इस बजट में विशेष बल दिया गया है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में अभूतपूर्व वृद्धि के साथ-साथ कई व्यवस्थागत सुधार किए गए हैं जिसका बहुत बड़ा फायदा देश में ग्रोथ और जॉब क्रिएशन, रोजगार के लिए बहुत लाभ होगा।’’ प्रधानमंत्री ने इस बजट के लिए निर्मला सीतारमण, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर और उनकी टीम को बहुत बधाई दी।