By दिव्यांशी भदौरिया | Apr 14, 2026
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन महादेव की पूजा भक्ति भाव से सभी साधक करते हैं। प्रत्येक महीने के शुक्ल और कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष का दिन सप्ताह के जिस जिन पड़ता है उसका नाम उसी वार के हिसाब से रखा जाता है। इस बार वैशाख का पहला प्रदोष व्रत बुधवार को रहेगा, इसलिए इसको बुध प्रदोष के नाम से जाना जाएगा। बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, व्यापार आदि का कारक माना जाता है। बुध प्रदोष व्रत रखने से बुद्धि, वाणी और बिजनेस में सफलता प्राप्त होती है। आइए आपको बताते हैं कब है रखा जाएगा प्रदोष व्रत।
पंचांग के अनुसार वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अप्रैल को रात 12 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होगी। यह तिथि उसी दिन रात 10 बजकर 31 मिनट तक मान्य रहेगी। इसी आधार पर अप्रैल माह का पहला प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026, बुधवार को रखा जाएगा।
अप्रैल प्रदोष व्रत 2026 पूजा मुहूर्त
बुध प्रदोष के दिन 15 अप्रैल को पूजा का शुभ समय शाम 6 बजकर 56 मिनट से रात 9 बजकर 13 मिनट तक निर्धारित है। मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष काल, यानी सूर्यास्त का समय, सबसे श्रेष्ठ और फलदायी होता है।
बुध प्रदोष व्रत पूजा विधि
- सबसे पहले सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- व्रत का संकल्प लेकर व्रत रखें और भगवान शिव का ध्यान करें।
- घर के मंदिर या शिवालय में एक चौकी पर शिवलिंग की स्थापना करें।
- सुबह की पूजा के बाद प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा शुरु करें।
- सबसे पहले भगवान शिव का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें।
- इसके बाद बेलपत्र, धूतरा, आक के फूल, चंदन, अक्षत और सफेद फूल अर्पित करें।
- अब आप “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें।
- मां पार्वती की पूजा करें और उन्हें श्रृंगार अर्पित करें।
- पूजा के आखिर में भगवान शिव की आरती करें और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
बुध प्रदोष व्रत का महत्व
बुध प्रदोष का व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान का स्वास्थ्य और करियर बेहतरीन होता है। इसके साथ ही रुके हुए सारे काम शीघ्र पूरे हो जाते हैं। कुंडली में जिन लोगों का ग्रह कमजोर है या नीच का है, उन्हें इस व्रत से विशेष लाभ मिलेगा।