एक दिन की गिरावट के बाद Dalal Street पर Bull Run, सेंसेक्स 790 अंक उछला।

By Ankit Jaiswal | Jun 24, 2026

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार का कारोबारी दिन निवेशकों के लिए राहत लेकर आया हैं। पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट झेलने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की और प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही हैं। वैश्विक स्तर पर ब्रेंट कच्चे तेल का भाव करीब 1 प्रतिशत गिरकर 76.29 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया हैं। तेल की कीमतों में कमी भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई और आयात लागत पर दबाव कम होता हैं।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कीमतों में नरमी से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी हैं। इसके साथ ही रुपये की स्थिति में भी स्थिरता देखने को मिली हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ हैं।

बता दें कि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई हैं। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने लगभग 17.86 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की खरीदारी की थी। लगातार बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों की यह खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं।

इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदों ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया हैं। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से संकेत दिए गए हैं कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका हैं। यदि यह समझौता होता है तो दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नया बल मिल सकता हैं।

एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी घरेलू बाजार को सहारा दिया हैं। दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख बाजारों में मजबूती देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा हैं।

सेक्टोरल आधार पर देखें तो सूचना प्रौद्योगिकी और निजी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई हैं। सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक में करीब 1 प्रतिशत की तेजी रही। टेक महिंद्रा के शेयरों में लगभग 2.6 प्रतिशत, इन्फोसिस में 1.3 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 0.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई हैं।

वहीं निजी बैंकिंग क्षेत्र में आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी से बैंकिंग सूचकांक डेढ़ प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ हैं। बाजार में भय और अनिश्चितता को मापने वाला अस्थिरता सूचकांक भी करीब 2.65 प्रतिशत घटकर 13.57 के स्तर पर आ गया हैं, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों का प्रदर्शन भारतीय बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल बाजार ने मजबूत वापसी कर यह संकेत दिया है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है।

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