Lucknow में High Court के आदेश पर बुलडोजर एक्शन, वकीलों के 200 अवैध चैंबर ध्वस्त

By एकता | May 17, 2026

आज रविवार सुबह नौ बजे से लखनऊ के कैसरबाग इलाके में स्थित पुराने हाईकोर्ट भवन के चारों तरफ बने अवैध कब्जों को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। इस कार्रवाई का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में वकील इकट्ठा हुए और प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने खदेड़ दिया। वकीलों की तरफ से किसी भी बड़े विरोध या हंगामे से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही पर्याप्त पुलिस बल का पुख्ता इंतजाम किया हुआ था।

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कहां-कहां बने थे अवैध कब्जे?

सर्वे के अनुसार, पुराने हाईकोर्ट और कचहरी के आसपास के इलाकों में अवैध कब्जे इस प्रकार बांटे गए थे, सुरेंद्र नाथ रोड पर 72 अवैध कब्जे, स्वास्थ्य भवन से कलेक्ट्रेट चौराहा और चकबस्त रोड तक 47 अवैध कब्जे, राजस्व परिषद से स्वास्थ्य भवन तक 25 अवैध कब्जे और नाले के ऊपर 50 से अधिक अवैध चैंबर और दुकानें।

नगर निगम ने इस कार्रवाई से पहले 16 मई तक सभी को कब्जे हटाने का नोटिस दे दिया था और अवैध निर्माण पर लाल निशान भी लगा दिए थे। इस सख्ती को देखते हुए कई वकीलों ने कार्रवाई से पहले ही खुद अपने चैंबरों से जालियां और सामान हटाना शुरू कर दिया था।

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कोर्ट ने क्यों दिया था कब्जा हटाने का आदेश?

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की बेंच ने यह आदेश सुनाया है। यह फैसला अधिवक्ता अनुराधा सिंह, अधिवक्ता देवांशी श्रीवास्तव और उनकी माता अरूणिमा श्रीवास्तव द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया। इस याचिका में शिकायत की गई थी कि कचहरी रोड पर अवैध कब्जों की आड़ में लगातार अराजकता और अव्यवस्था फैल रही है।

पुलिस बल न मिलने से रुकी थी कार्रवाई, 25 मई को मांगी रिपोर्ट

इससे पहले नगर निगम ने यह बहाना बनाकर कार्रवाई टाल दी थी कि बिना पर्याप्त पुलिस बल के वकीलों के कब्जे हटाना मुमकिन नहीं है। इस पर अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिला प्रशासन को तुरंत पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रशासन को सख्त हिदायत दी है कि वह 25 मई को होने वाली अगली सुनवाई में इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करे।

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