By नीरज कुमार दुबे | Oct 09, 2026
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी को ‘शहीद’ बताने वाले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता अब्दुल कबीर को गिरफ्तार कर लिया गया। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने कहा, ‘‘उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई जारी है।’’ इससे पहले अब्दुल कबीर ने बुरहान वानी को ‘‘शहीद’’ कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं पर मारे गए आतंकवादी के घर जाने और उसके परिवार को आर्थिक मदद देने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए थे।
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उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी अपनी बात है। हम किसी को शहीद कहें, मारा गया कहें या कोई और शब्द इस्तेमाल करें—यह एक अलग बात है। हमें आजादी है। हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या बुरहान वानी को शहीद कहना उनकी निजी राय है, कबीर ने सहमति जताते हुए कहा, ‘‘हां, यह मेरी निजी राय है।’’ कबीर ने यह भी दावा किया कि जब पीडीपी भाजपा के साथ गठबंधन सरकार में थी, तब उसने भाजपा को पूरी तरह से अपने चंगुल में रखा हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘2014 में जब जम्मू-कश्मीर में भाजपा हमारे साथ गठबंधन सरकार में थी, तब महबूबा मुफ्ती ने उन्हें सरकार में सिर उठाने का मौका तक नहीं दिया। आप जानते हैं कि बुरहान वानी के मामले में क्या हुआ। आप यह भी जानते हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा बेची गई बिजली परियोजना पर उस समय कोई सवाल नहीं उठा सका।’’ उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भाजपा को अनुच्छेद 370 को हटाने की बात तो दूर, उस पर चर्चा तक करने की इजाजत नहीं दी थी। पीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनकी पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा और सरकार गिरा दी।
इस बीच, पीडीपी ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग करने की कोशिश की है। पार्टी प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह सोनू ने कहा कि कबीर पार्टी के एक नेता हैं, न कि कोई पदाधिकारी। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनकी निजी राय है, पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं।’’ वहीं, पीडीपी के किश्तवाड़ जिलाध्यक्ष शेख नासिर ने कहा कि कबीर ने पार्टी कार्यक्रम के दौरान कोई विवादित बात नहीं कही थी, बल्कि बाद में पत्रकारों से अलग से बातचीत में यह टिप्पणी की थी। दूसरी ओर, भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने पीडीपी की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कबीर की गिरफ्तारी को सही ठहराया है।