Semicon 2.0 और Mobile Manufacturing को Cabinet की मंजूरी, ₹1.89 Lakh Crore से आत्मनिर्भर बनेगा Digital India

By Ankit Jaiswal | Jul 16, 2026

देश में आधारभूत ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सात महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। मौजूद जानकारी के अनुसार इन सभी योजनाओं पर कुल 2 लाख 19 हजार 353 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी, जिससे देश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद हैं।

गौरतलब है कि इस परियोजना में छह लेन का ऊंचा मार्ग, आधुनिक केबल आधारित पुल, पैदल पुल, संपर्क मार्ग, सेवा मार्ग, रैंप और लूप का निर्माण किया जाएगा। इसे संकर वार्षिकी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 14 हजार 447.64 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा वरुणा नदी के किनारे छह और चार लेन वाले ऊंचे मार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 10 हजार 998.32 करोड़ रुपये बताई गई हैं।

सरकार ने देश में चिप निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सेमिकॉन 2.0 मिशन को भी मंजूरी दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार इस योजना पर 1.27 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे भारत वैश्विक चिप निर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाएगा।

इसी के साथ मोबाइल फोन निर्माण योजना के दूसरे चरण को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के लिए 62 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य देश में मोबाइल निर्माण को बढ़ावा देना, निर्यात बढ़ाना और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना हैं।

कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 को भी स्वीकृति दी गई है। बता दें कि इस नीति के तहत देश में नौ नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि इससे एक करोड़ टन अतिरिक्त यूरिया उत्पादन क्षमता विकसित होगी और आयात पर निर्भरता कम होने के साथ भारत यूरिया की मांग पूरी करने में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

रेलवे क्षेत्र में भी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें पारादीप-हरिदासपुर रेलखंड की दोहरीकरण परियोजना शामिल है, जिस पर 2 हजार 542 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं डांगोआपोसी और राजखरसावां के बीच चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत 1 हजार 365 करोड़ रुपये निर्धारित की गई हैं।

गौरतलब है कि सरकार का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं से आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा, कृषि क्षेत्र को लाभ होगा और रेलवे नेटवर्क अधिक सक्षम बनेगा। इसके साथ ही देश में निवेश आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देने में भी इन फैसलों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद जताई जा रही हैं।   

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