Modi Cabinet Meeting: इधर विपक्ष बेवजह के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने बड़े फैसले कर सबको हैरान कर दिया

By नीरज कुमार दुबे | Aug 19, 2026

इधर विपक्ष हंगामे और बेवजह के मुद्दों को उठाने में मशगूल रहा उधर मोदी सरकार ने विकसित भारत की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले कर सबको चौंका दिया। हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिये गए। बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने रेल और सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ी पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन पर कुल ₹13,041 करोड़ खर्च होंगे। इनमें चार रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं Howrah–Chennai High Density Network को मजबूत करेंगी, जबकि बिहार में 83 किलोमीटर का चार लेन हाईवे बनाया जाएगा।

वहीं भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन पर ₹1,583 करोड़ खर्च होंगे। 75 किलोमीटर की यह परियोजना चार साल में पूरी होगी और भद्रक-जाजपुर के रास्ते टाटानगर, जाखापुरा और केरेजांग के स्टील संयंत्रों को पारादीप-धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगी। बैतरणी और ब्राह्मणी नदियों पर 686 और 1,325 मीटर के मेगा ब्रिज बनेंगे। इससे 29 मिलियन टन सालाना अतिरिक्त माल ढुलाई, ₹433 करोड़ की वार्षिक लॉजिस्टिक बचत और 26 लाख मानव-दिवस रोजगार मिलेगा।

इसके अलावा, गुम्मिडीपुंडी–गुडूर के बीच 90 किलोमीटर में तीसरी-चौथी लाइन के लिए ₹2,229 करोड़ मंजूर हुए हैं। यह खंड चेन्नई, विजयवाड़ा और रेणिगुंटा को जोड़ता है और इसकी क्षमता उपयोगिता 131 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। इस परियोजना से चेन्नई, कामराजार और कृष्णापट्टनम बंदरगाहों की कनेक्टिविटी सुधरेगी, 21.24 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई होगी, ₹382.15 करोड़ की सालाना लॉजिस्टिक बचत और 61 लाख मानव-दिवस रोजगार मिलेगा।

साथ ही कटक–पारादीप के 72 किलोमीटर हिस्से में तीसरी-चौथी लाइन के लिए ₹2,286 करोड़ मंजूर हुए हैं। यह पारादीप बंदरगाह को कलिंगानगर के स्टील क्लस्टर, क्योंझर की लौह-अयस्क खदानों और तालचेर के कोयला क्षेत्र से जोड़ेगा। इससे 12 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई, ₹172.97 करोड़ की वार्षिक लॉजिस्टिक बचत और 49 लाख मानव-दिवस रोजगार का सृजन होगा और 7.74 करोड़ किलोग्राम सालाना कार्बन डॉइक्साइड घटेगा।

वहीं बिहार में ₹3,591 करोड़ से 83 किलोमीटर का चार लेन मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा NH-22 कॉरिडोर HAM मोड में बनेगा। 30 महीने में प्रस्तावित इस परियोजना में सात बड़े पुल, तीन ROB, छह अंडरपास और बागमती पर 340 मीटर का मेजर ब्रिज होगा। मुजफ्फरपुर से सोनबरसा का सफर दो घंटे से घटकर एक घंटा होने की उम्मीद है। इससे सड़क जाम और वाहन परिचालन लागत घटेगी, पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पांच पीएम गति शक्ति आर्थिक, चार सामाजिक तथा दो लॉजिस्टिक नोड जुड़ेंगे।

कुल मिलाकर देखा जाये तो ये फैसले सिर्फ पटरियां और सड़कें बढ़ाने की कवायद नहीं हैं; इनका सीधा निशाना माल ढुलाई की क्षमता, लॉजिस्टिक लागत, बंदरगाहों की पहुंच, रोजगार, पर्यावरणीय बचत और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। Howrah–Chennai कॉरिडोर पर बढ़ते दबाव के बीच चौथी लाइनें क्षमता संकट को कम करेंगी और पूर्वी, दक्षिणी तथा तटीय भारत के औद्योगिक नेटवर्क को ज्यादा मजबूत आधार देंगी।

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