Health Tips: क्या स्वाइन फ्लू से जा सकती है आंखों की रोशनी? जानिए Medical Research के बड़े दावे

By अनन्या मिश्रा | Sep 01, 2026

इन दिनों देश के कई राज्य एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू का प्रकोप झेल रहे हैं। यह इन्फ्लुएंजा-ए वायरस का ही एक प्रकार माना जाता है। इस बार यह संक्रमण मुश्किलों को बढ़ाने वाला दिख रहा है। पिछले कुछ 15-20 दिनों में दिल्ली के हॉस्पटिलों में सर्दी-जुकाम, तेज फीवर और सांस से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई है। देश की राजधानी में संक्रमण के 138 नए मामले दर्ज किए गए। वहीं 3,177 इंफ्लूएंजा ए के मामले हैं। यह संक्रमण गंभीर स्थितियों में दिल और फेफड़ों की समस्याओं के साथ-साथ आंखों के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।

वैसे तो स्वाइन फ्लू इंफ्लूएंजा ए वायरस का एक प्रकार है। इसके होने पर आमतौर पर गले में खराश, खांसी, बुखार, थकान, शरीर में दर्द और सांस से जुड़े दूसरे लक्षण देखने को मिलते हैं।

यह संक्रमित व्यक्ति के छींकने, बात करने, खांसने पर निकलने वाली ड्ऱॉपलेट्स से फैलता है। जिसका असर शरीर के अन्य हिस्सों पर भी हो सकता है।

फ्लू के दौरान कुछ लोगों की आंखों में लालिमा, रोशनी से परेशानी होना, आंखों से पानी आना या ड्राईनेस की समस्या महसूस हो सकती है। आमतौर पर फ्लू के ठीक होने के साथ-साथ यह समस्याएं भी ठीक हो जाती हैं। लेकिन अगर आपको अचानक से नजर में बदलाव लगे, तो इसको सामान्य लक्षण नहीं समझना चाहिए।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अधिकतर मामलों में स्वाइन फ्लू होने की वजह से हल्के स्तर पर दिक्कतें होती हैं। लेकिन कई मामलों में आंखों से जुड़ी परेशानी भी कम होती है और सही तरीके से देखभाल करने से ठीक हो जाती है। लेकिन सबसे आम समस्या वायरल कंजंक्टिवाइटिस हो सकता है। इसको आम भाषा में आंख आना कहा जाता है।

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो बहुत कम मामलों में इससे आंख की रोशनी से जुड़ी परत रेटिना में सूजन, आंख के अंदर की सूजन यानी यूवाइटिस या आंख से दिमाग तक संदेश पहुंचाने वाली ऑप्टिक नर्व पर गंभीर असर होने की समस्या हो सकती है। हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन यह आपकी नजर को प्रभावित कर सकती है।

अगर फ्लू के दौरान आपकी आंखों में लगातार तेज दर्द हो रहा, धुंधला दिख रहा या रोशनी से ज्यादा परेशान हो रही या फिर नजर अचानक कमजोर हो जाए। तो इसको सामान्य आंख की समस्या मानने की गलती नहीं करना चाहिए। ऐसे स्थिति होने पर आंखों की जांच जरूरी है। वहीं आंखों के अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देते रहना चाहिए।

डबल विजन या धुंधला दिखाई देने की समस्या।

आंखों के सामने चमकती रोशनी का दिखना

आंखों के सामने तैरते धब्बे या छोटे-छोटे काले बिंदुओं का अचानक से बढ़ जाना।

पास की चीजों को देखने में परेशानी महसूस होना।

आंखों को एच1एन1 के असर से ऐसे बचाएं

इन्फ्लुएंजा से बचाव के लिए हर साल फ्लू की वैक्सीन लगवाना चाहिए। इसके अलावा कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।

हाथों को रोजाना अच्छे से धोना चाहिए।

छींकते या खांसने के दौरान नाम और मुंह ढक लें।

बीमार लोगों के बहुत करीब जाने से बचना चाहिए।

खुद बीमार हों, तो घर पर ही रहना चाहिए।

बिना हाथ धोए आंखों को छूने से बचें।

अगर कंजंक्टिवाइटिस हो गया है, तो अपना तौलिया, तकिया और अन्य आंखों से जुड़ी निजी चीजों को दूसरों के साथ शेयर न करें।

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