सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए “क्षमता निर्माण” कार्यक्रम को अनिवार्य बनाया जाए: Adityanath

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 07, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को निर्देश दिया कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम को अनिवार्य बनाया जाए। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के मुताबिक, इस दौरान क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बने।

उन्होंने कहा कि यह पहल शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

बयान के अनुसार, बैठक के दौरान योगी को अवगत कराया गया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत केंद्र में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम को अनिवार्य बनाया जाए। साथ ही इसे उनकी पदोन्नति एवं एसीआर (वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट) से भी जोड़ें।

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