By अभिनय आकाश | Oct 07, 2025
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित कफ सिरप पीने से कम से कम 14 बच्चों की मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा दायर इस याचिका में देश भर में सभी दूषित कफ सिरप बैचों पर प्रतिबंध लगाने और उन्हें वापस मंगाने तथा सभी सिरप-आधारित फ़ॉर्मूलेशनों की अनिवार्य जाँच की भी माँग की गई है। अन्य राज्यों में हुई ऐसी ही घटनाओं का हवाला देते हुए, तिवारी ने आग्रह किया कि जाँच सर्वोच्च न्यायालय के किसी पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
शुरुआती रिपोर्टों से पता चला कि सिरप पीने के बाद कई बच्चों को गंभीर गुर्दे की विफलता का सामना करना पड़ा और कुछ ही दिनों में मरने वालों की संख्या चौदह हो गई। बाद में महाराष्ट्र के नागपुर से भी इसी तरह के मामले सामने आए। याचिका में केंद्र सरकार और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की निष्क्रियता पर सवाल उठाया गया है और आरोप लगाया गया है कि दूषित पदार्थों की पुष्टि होने के बावजूद कोई प्रतिबंध या चेतावनी जारी नहीं की गई।