By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 01, 2026
मानसून के समय कई स्किन प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान चेहरे की झाइयां यानी पिगमेंटेशन आपकी खूबसूरती को कम कर सकती हैं। ज्यादातर लोगों को झाइयां केवल तेज धूप और गर्मी के कारण होती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि मानसून में भी त्वचा पर झाइयां बढ़ सकती है। मानसून के समय झाइयां काफी बढ़ जाती है। आइए आपको इसके पीछे की असली वजह और बचाव के आसान तरीके बताते हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट एक्सपर्ट के मुताबिक, मानसून के समय अक्सर चेहरे पर झाइयां तेजी से बढ़ने लगती है। इस मौसम में बादलों के बीच से आने वाली हानिकारक यूवी किरणें और उमस त्वचा तक पहुंचती हैं। हवा में नमी और पसीने की वजह से स्किन पर झाइयां ज्यादा उभकर दिखने लगती हैं, जो चेहरे की खूबसूरती को कम कर सकते हैं।
मानसून में पिगमेंटेशन बढ़ने के मुख्य कारण
- बरसात के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे चेहरा बार-बार चिपचिपा हो जाता है। इस चिपचिपे चेहरे पर धूल-मिट्टी आसानी से जमने लगती है, जो झाइयों का एक बड़ा कारण बन जाती है।
- खासकर कुछ लोग सिर्फ तेज धूप में ही सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं और बारिश के दिनों में इसे लगाना बंद कर देते हैं। लेकिन आप नहीं जानती है यह आपकी सबसे बड़ी गलती बन जाती है। इस मौसम में चाहे कोई भी हो, सनस्क्रीन लगाने से त्वचा प्रोटेक्ट रहती है और झाइयां, पिंपल्स व रैशेज जैसी परेशानियों कम होती हैं।
- कई बार लोग बरसात के पानी में बार-बार चेहरा को धोते हैं और स्क्रब करते हैं। वे सोचते हैं कि स्क्रब से उनकी स्किन झाइयां कम होंगी और टैनिंग हट जाएगी। हलांकि जरुरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स यूज करने से स्किन को रगड़ने से जलन और पिगमेंटेशन बढ़ सकती है।
झाइयों से बचने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
- ऊपर बताई हुई गलतियों को भूलकर भी न करें। ऐसा करने से झाइयों से बचने में मदद मिलेगी।
- यदि आप घर से बाहर निकले, चाहे धूप हो या बादल, चेहरे पर सनस्क्रीन जरुर लगाएं। आप अपनी स्किन टाइप के हिसाब से सही सनस्क्रीन चयन कर सकती हैं।
- चेहरे की गंदगी साफ करने के लिए हार्श केमिकल वाले प्रोडक्ट्स की जगह माइल्ड फेस वॉश का इस्तेमाल करें। जिससे चेहरा का एक्स्ट्रा ऑयल और पसीना साफ हो जाए और पिगमेंटेशन का खतरा भी कम रहेगा।