RCom Bank Fraud: पूर्व MD अमिताभ झुंझुनवाला को CBI कोर्ट से मिली मेडिकल जमानत

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 29, 2026

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के करोड़ों रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस (आर-कॉम) समूह के पूर्व प्रबंध निदेशक अमिताभ झुंझुनवाला को मंगलवार को चिकित्सकीय आधार पर जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश नितिन वी जीवाने ने झुंझुनवाला की बिगड़ती सेहत के आधार पर यह याचिका स्वीकार की। अदालत ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस हालिया आदेश का सहारा लिया, जिसके तहत उन्हें धन शोधन से जुड़े मामले में वैधानिक राहत दी गई थी।

उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के लिए लगातार डॉक्टरों की निगरानी और लंबे इलाज की जरूरत है, जो न्यायिक हिरासत में संभव नहीं है। अधिवक्ता पोंडा ने अदालत को सूचित किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 22 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उन्हें बीमार या अस्वस्थ पाते हुए नियमित जमानत दे दी थी। इस दलील को स्वीकार करते हुए विशेष न्यायाधीश ने कहा कि चूंकि चिकित्सकीय स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए आवेदक सीबीआई मामले में भी चिकित्सकीय आधार पर नियमित जमानत का हकदार है।

विशेष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट और सीधे शब्दों में कहा था कि उनकी चिकित्सकीय स्थिति के लिए विशेष इलाज की आवश्यकता है। यह इलाज सिर्फ दवाइयां देने या दर्द को थोड़े समय के लिए कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए लंबे समय तक लगातार देखरेख और सुधार की जरूरत है। इसके बाद अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की गारंटी देने वाले एक या दो स्थानीय जमानतदारों को पेश करने पर जमानत दे दी।

सीबीआई का यह मामला भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अगस्त 2025 में आरकॉम और अन्य के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित है। बैंक ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया था, जिससे बैंक को शुरू में 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

प्रमुख खबरें

PNB Scam: Nirav Modi के करीबी Sandeep Mistri को UAE से लाकर CBI ने किया गिरफ्तार

Gulveer Singh ने Asian Games में रचा इतिहास, 3 स्पर्धाओं में मेडल जीतने वाले चौथे भारतीय बने

Mohsin Naqvi के खिलाफ ACC Board के 3 सदस्य, Bangladesh को मिल सकती है कमान

नई National Steel Policy से सस्ते आयात पर लगेगी रोक, Green Steel पर होगा फोकस