By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 17, 2021
धनबाद (झारखंड)। धनबाद के जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले की जांच कर रही सीबीआई दो आरोपियों को नार्को जांच के लिए सोमवार को दिल्ली ले गई। झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। नार्कों जांच में व्यक्ति को हिप्नोटिक या बेहोशी वाली दवा का इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे उसकी कल्पनाशक्ति प्रभावित होती है और उस दौरान उसके सच बोलने की उम्मीद की जाती है। मामले के दो आरोपियों, ऑटो रिक्शा चालक लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को हावड़ा-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली ले जाया गया है।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, 28 जुलाई की सुबह जज रणधीर वर्मा चौक पर चौड़ी सड़क पर टहल रहे थे, तभी एक ऑटो रिक्शा उनकी तरफ आया और उन्हें टक्कर मारकर वहां से फरार हो गया। स्थानीय लोग न्यायाधीश को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 31 जुलाई को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था। इससे पहले झारखंड पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) इसकी जांच कर रह थी।