By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 28, 2026
अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन बाजारों में छोटे विक्रेता एक नवंबर से विभिन्न राज्यों में उत्पादों की आपूर्ति करने के लिए संबंधित मंच के गोदाम को कारोबार का मुख्य स्थान (पीपीओबी) घोषित कर सकेंगे। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने केंद्रीय जीएसटी नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत हर महीने 2.5 लाख रुपये से अधिक का इनपुट टैक्स क्रेडिट आगे नहीं देने वाले छोटे विक्रेता किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में पंजीकरण करा सकेंगे, भले ही वहां उनकी कोई भौतिक उपस्थिति न हो।
अन्य राज्यों में पंजीकरण ई-कॉमर्स मंच की सहमति से कराया जा सकेगा और इसके लिए कर अधिकारी की कोई भूमिका नहीं होगी। केंद्रीय जीएसटी नियमों में इन बदलावों को आठ अक्टूबर को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में मंजूरी दी गई थी। ये बदलाव एक नवंबर, 2026 से लागू होंगे।
इस कदम से करीब 9.5 लाख छोटे विक्रेताओं को उन सभी राज्यों में भौतिक कार्यालय स्थापित किए बिना देशभर के बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है, जहां उनका सामान रखा जाता है। इससे ई-कॉमर्स के विभिन्न कारोबारी मॉडल के बीच कर संबंधी समानता भी बढ़ेगी। ऐसे छोटे विक्रेताओं को फॉर्म जीएसटी आरईजी-01 में आवेदन करना होगा और उस गृह राज्य में अपने स्थायी खाता संख्या (पैन) पर प्राप्त माल एवं सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन) का उल्लेख करना होगा, जहां उनकी भौतिक उपस्थिति है।
आवेदन संबंधित ई-कॉमर्स मंच को उसकी सहमति के लिए भेजा जाएगा। मंच को सात कार्यदिवस के भीतर अपनी सहमति देनी होगी। निर्धारित अवधि में सहमति नहीं मिलने पर आवेदन पर आगे कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सीबीआईसी की अधिसूचना में कहा गया, ‘‘यदि ई-कॉमर्स मंच पंजीकृत व्यक्ति को दी गई सहमति वापस लेता है, तो उसे साझा पोर्टल पर इसकी सूचना देनी होगी।’’