By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने आम जनता, स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों, दवा विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को दर्द निवारक तथा एंटीबायोटिक दवाओं के बेहिसाब इस्तेमाल के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इनके अनुचित इस्तेमाल से गुर्दे की गंभीर बीमारी और इससे जुड़ी अन्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है। दवा नियामक ने 21 सितंबर को जारी एक परिपत्र में नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (एनएसएआईडी) और एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत, सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की अपील की। इसने डॉक्टर की पर्ची की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन करने और रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
नियामक ने कहा कि अधिकांश एंटीबायोटिक दवाएं अनुसूची एच1 में आती हैं और इन पर चेतावनी दर्ज होती है कि बिना चिकित्सकीय सलाह इनका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। सीडीएससीओ ने आम जनता को सलाह देते हुए कहा कि दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के बिना सोचे समझे, बार-बार या लंबे समय तक नहीं लिया जाना चाहिए। सीडीएससीओ ने दवा विक्रेताओं और वितरकों को अनुसूची एच और एच1 की दवाओं की बिक्री संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों को जागरुकता फैलाने तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।