स्टार्टअप और छोटी कंपनियों को बचाने की कोशिश में केन्द्र

By निधि अविनाश | Jun 16, 2020

कोरोना लॉकडाउन के कारण बड़े कारोबार से ज्यादा स्टार्टअप और छोटे कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना लॉकडाउन से कारोबार बंद पड़ गए जिसके कारण 38 प्रतिशत स्टार्टअप  के पास फंड बिल्कुल खत्म हो गया है और सिर्फ 30 प्रतिशत के पास 1 या 3 महीने तक की नकदी बच गई है।लोकलसर्किल के सर्वे  के अनुसार ऐसी 16 कंपनियां है जिनके पास सिर्फ 3से 6 महीने तक की नकदी बच गई है।  बता दें कि ये सर्वे में 8,400 से अधिक स्टार्टअप, एसएमई और छोटे कारोबारियों ने अपनी राय दी है। 

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और  गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हुई बैठक में MSME के लिए 3 लाख करोड़ रूपये के आपात कर्ज सुविधा गारंटी योजना को चलाने को कहा है। इस कोरोना संकट के बीच पिछले महीने घोषित 21 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी की आपात लोन की घोषणा की है। 

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