By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 04, 2026
नयी दिल्ली, चार नवंबर ‘अग्निपथ’ योजना में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेना से सेवामुक्त होने वाले ‘अग्निवीरों’ को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तिगत सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने यह घोषणा केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सैन्य भर्ती योजना में तीनों सेनाओं की सिफारिशों के अनुरूप बदलावों को मंजूरी दिए जाने के तुरंत बाद की।
योजना में ये बदलाव करीब 18,000 अग्निवीरों के सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने के तीन सप्ताह से कुछ अधिक समय पहले किए गए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीडीएस ने कहा, ‘‘आज भारतीय सशस्त्र बलों और अग्निवीरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। मंत्रिमंडल ने सभी अग्निवीरों के लिए सशस्त्र बलों में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है।’’ फिलहाल अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए तीन लाख से अधिक सैनिक सशस्त्र बलों में सेवा दे रहे हैं।
जनरल सुब्रमणि ने कहा, ‘‘मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित बलों में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में सेवामुक्त हो जाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नए बदलावों के तहत इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि की पेशकश की जाएगी। इस विस्तारित अवधि के पूरा होने के बाद चयन मानदंडों को पूरा करने वाले और सेवा जारी रखने के इच्छुक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा।’’ सीडीएस ने कहा कि सरकार के इस फैसले से लगभग सभी अग्निवीरों के सशस्त्र बलों में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा। जनरल सुब्रमणि ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना जारी रहेगी और चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर नियमित सैनिकों के रूप में भर्ती किए जाने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों की वरिष्ठता, दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी करने के बाद नियमित बलों में शामिल होने वाले अग्निवीरों से अधिक होगी।
सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर सरकार को निशाने पर लिया था।
उन्होंने सवाल उठाया था कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों का क्या होगा, क्योंकि कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत को ही 15 साल के लिए नियमित सेवा में रखा जाएगा। केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों और विभागों ने पहले ही पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की योजनाओं की घोषणा की थी। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों के लिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों द्वारा घोषित योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर जनरल सुब्रमणि ने कहा कि अब उन प्रावधानों की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।
रक्षा मंत्री सिंह ने अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को ‘सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी’ (सेवा का दूसरा कार्यकाल) बताया और इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘इससे चार या छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के रूप में शामिल करने का भी अवसर मिलेगा, जो चयन मानदंडों को पूरा करेंगे।’’