शीला दीक्षित के बाद दिल्ली कांग्रेस के सामने नया नेता तलाशने की चुनौती

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 21, 2019

नयी दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीने शेष हैं और ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अचानक निधन से दिल्ली कांग्रेस के समक्ष एक ऐसे नेता की तलाश करने की चुनौती उत्पन्न हो गई है जो उनकी जिम्मेदारी संभाल सके। दीक्षित के निधन के बाद अब दिल्ली कांग्रेस इकाई के सामने दो चुनौतियां हैं...नया नेता तलाशना और पार्टी में एकजुटता कायम करना। नए नेता को दिल्ली इकाई को एकजुट करने की चुनौती से भी जूझना पड़ सकता है। 

वर्ष 2013 के बाद से हर प्रमुख चुनाव में तीसरे स्थान पर रह रही कांग्रेस को 2019 के लोकसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहकर आम आदमी पार्टी कुछ हद तक किनारे करने में सफल रही थी और उसे कुछ उम्मीद दिखाई दी थी। कांग्रेस पांच सीटों पर दूसरे स्थान पर रही थी।

इसे भी पढ़ें: 2012 में पद छोड़ना चाहती थीं शीला दीक्षित, निर्भया घटना के चलते बनी रहीं

दीक्षित अगले वर्ष जनवरी-फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही थीं। अब पार्टी को चुनाव से पहले संगठन का नेतृत्व करने के लिए एक नये नेता की तलाश करनी होगी। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व प्रमुख अजय माकन ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।

प्रमुख खबरें

जमुई मामले में Samrat Choudhary के खिलाफ POCSO FIR की मांग, सचिवालय थाने पहुंचीं Misa Bharti

Uttarakhand में भारी बारिश का Red Alert, CM Pushkar Singh Dhami ने 24 घंटे सतर्क रहने के दिए निर्देश

Punjab में चार वर्षों में आया 1.89 लाख करोड़ का निवेश, CM Bhagwant Mann ने दी जानकारी

Manipur में बंद और नाकेबंदी से हर दिन 25-30 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान: CM Y Khemchand