By अनन्या मिश्रा | Aug 15, 2026
ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। जब शनि ग्रह अपनी चाल बदलते हैं, तो उसका प्रभाव सिर्फ राशियों पर ही नहीं बल्कि अंक ज्योतिष के मूलांकों पर भी पड़ता है। 27 जुलाई 2026 से शनि वक्री हो चुके हैं और 11 दिसंबर 2026 तक करीब 138 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे। इस दौरान शनि ग्रह की टेढ़ी चाल कई लोगों के जीवन में देरी, आत्ममंथन और चुनौतियों की स्थिति हो सकती है।
मूलांक 2 के स्वामी ग्रह चंद्रमा माने जाते हैं। चंद्रमा भावनाओं, मन और संवेदनशीलता का प्रतिनिधित्व करता है। शनि की वक्री चाल की वजह से मूलांक 2 वाले जातकों को मानसिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। छोटी बातें भी आपको परेशान कर सकती हैं। परिवार में मतभेद की स्थिति बन सकती है। मां की सेहत का विशेष ध्यान रखें। संयम, धैर्य और पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मूलांक 4 के स्वामी ग्रह राहु हैं। शनि के वक्री होने पर इस मूलांक के लोगों के जीवन में अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आसानी से पूरे होने वाले काम में रुकावट आ सकती है। व्यापार करने वाले लोगों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए कार्यों में देरी हो सकती है। हर डॉक्यूमेंट्स को ध्यान से चेक करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए। सेहत का ध्यान रखें। आपके विरोधी सक्रिय रह सकते हैं और आपकी गलतियों का फायदा उठा सकते हैं।
अंक ज्योतिष के मुताबिक मूलांक 7 के स्वामी ग्रह केतु हैं। शनि की वक्री अवस्था मूलांक 7 वाले लोगों की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में उतार-चढ़ाव ला सकती हैं। रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ने की संभावना होगी। जिससे प्रेमी, जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद हो सकता है। करियर को लेकर असमंजस की स्थिति हो सकती है। इसलिए इस दौरान नौकरी बदलने या कोई बड़ा फैसला लेने में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहिए। आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है, क्योंकि अचानक से खर्च बढ़ सकते हैं। सोच-समझकर किए गए निर्णय और धैर्यपूर्ण व्यवहार आपको इस दौरान बेहतर परिणाम दिला सकते हैं।