N Chandrababu Naidu Birthday: Politics के 'Kingmaker' चंद्रबाबू नायडू का 76वां बर्थडे, जानें कैसे लिखी दमदार Comeback की कहानी

By अनन्या मिश्रा | Apr 20, 2026

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू आज यानी की 20 अप्रैल को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनको लोग प्यार से सीबीएन या फिर चंद्रबाबू भी कहते हैं। चंद्रबाबू नायडू तेलुगु देशम पार्टी के राष्ट्रीय अक्ष्यक्ष भी हैं। बता दें कि वह आंध्र प्रदेश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल हैं। नायडू का जीवन संघर्ष, विकास और रणनीति के विजन का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने राज्य के आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर चंद्रबाबू नायडू के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

राजनीति की शुरुआत

छात्र जीवन से ही चंद्रबाबू नायडू ने राजनीति में कदम रखा। वह विश्वविद्यालय में छात्र नेता रहे और 1970 के दशक में वह युवा कांग्रेस से जुड़ गए। फिर बाद में इंदिरा गांधी के समय में स्थानीय स्तर पर पद संभाला था। साल 1978 में 28 साल की उम्र में चंद्रिगिरी सीट से विधायक बने। फिर साल 1980 से 1983 तक चंद्रबाबू नायडू राज्य सरकार में मंत्री रहे।

TDP और NTR से जुड़ाव

साल 1980 में चंद्रबाबू नायडू ने नंदमूरी तारक रामाराव की बेटी भुवनेश्वरी से विवाह किया। एनटीआर तेलुगु सिनेमा के पहले और सबसे बड़े सुपरस्टार और टीडीपी के संस्थापक थे। साल 1983 में NTR ने TDP बनाई और वह सत्ता में आए। साल  1984 में चंद्रबाबू ने पार्टी को राजनीतिक संकट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह से वह धीरे-धीरे एनटीआर के करीबी बन गए थे। साल 1985 में चंद्रबाबू टीडीपी के महासचिव बने।

पहली बार बने मुख्यमंत्री

साल 1994 में टीडीपी ने फिर से जीत हासिल की थी। लेकिन साल 1995 में पार्टी के अंदर बड़ा बदलाव हुआ। नायडू ने अपने ससुर एनटीआर को हटाकर सीएम पद संभाला। यह चंद्रबाबू नायडू के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा और विवादित मोड़ माना जाता है।

हैदराबाद को बनाया हाइटेक

साल 1995 से लेकर 2004 तक चंद्रबाबू नायडू दो बार सीएम बने। इस दौरान नायडू ने आंध्र प्रदेश को आईटी हब बनाने पर जोर दिया गया और हैदराबाज को साइबराबाद के रूप में विकसित किया। उनकी नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस दौरान बिल क्लिंटन व टोनी ब्लेयर जैसे वैश्विक नेता उनसे मिले। साल 2004 के बाद वह कांग्रेस की जीत के साथ विपक्ष में चले गए। फिर उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाए रखा और प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

विभाजित आंध्र प्रदेश के पहले CM

साल 2014 में तेलंगाना एक अलग राज्य बना और आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन हुआ। टीडीपी ने चुनाव जीतकर फिर से सरकार बनाई और चंद्रबाबू नाय़डू नए आंध्र प्रदेश के पहले सीएम बने। अपने इस कार्यकाल में नायडू ने नई राजधानी के रूप में अमरावती को विकसित करने की योजना पर काम किया।

दमदार वापसी

साल 2019 में वाईएसआर कांग्रेस की जीत के बाद वह विपक्ष में चले गए। इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने कई राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का भी सामना किया। साल 2024 के विधानसभा चुनाव में टीडीपी ने एक बार फिर से शानदार जीत हासिल की। वहीं 12 जून 2024 को चंद्रनाडू नायडू ने चौथी बार सीएम पद की शपथ ली। नायडू एक विजनरी लीडर माना जाता है। हालांकि उनका सियासी सफर उतार-चढ़ाव भरा।

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