By अनन्या मिश्रा | Jul 22, 2026
आज ही के दिन यानी की 22 जुलाई 2019 को ISRO द्वारा चंद्रयान-2 को लॉन्च किया गया था। वहीं चंद्रयान-2 के लैंडर को 6-7 सितंबर की आधी रात को चांद की सतह पर उतरना था। वहीं 20 अगस्त की सुबह 9:02 बजे चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था। कक्षा में पूरी तरह से इसको स्थापित होने में करीब 30 मिनट लग गए थे। ISRO ने जानकारी दी थी कि 23 दिन पृथ्वी का चक्कर लगाने के बाद चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने में इसको करीब 6 दिन लगे थे। फिर इसके बाद चंद्रयान ने 13 दिनों तक चंद्रमा के चक्कर लगाए थे।
अंतरिक्ष एजेंसी के चांद पर लैंडिंग से पहले ही विक्रम लैंडर से सभी संपर्क टूट गए थे। लेकिन अगर चांद पर लैंडर सफलतापूर्वक उतर गया होता, तो आज भारत भी उन देशों में शामिल हो जाता, जो चांद पर पहुंच चुके हैं। बताया गया था कि सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की वजह से लैंडर से संपर्क टूट गया था। गति में कमी और प्रक्षेप पथ में परिवर्तन के कारण विक्रम लैंडर और चंद्रमा प्रज्ञान रोवर टूट गया।