By एकता | May 31, 2026
उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश का बड़ा असर चारधाम यात्रा और पहाड़ी इलाकों में देखने को मिल रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। रुद्रप्रयाग में शनिवार रात से ही लगातार पानी बरस रहा है, जिसके चलते यात्रियों की सुरक्षा के लिए हजारों श्रद्धालुओं को गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है।
चमोली में बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने के बाद से ही हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पवार ने बताया कि रोजाना 30 से 35 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम और 5 से 10 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं, जिससे हाईवे पर गाड़ियों का दबाव बहुत बढ़ गया है। जोशीमठ से मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग के बीच करीब 10 किलोमीटर सड़क खराब होने की वजह से गाड़ियां खराब हो रही हैं, जिससे जाम की स्थिति बन रही है। पुलिस यातायात को सुचारू करने में जुटी है।
चंपावत जिले के ऐतिहासिक रीठा साहिब गुरुद्वारे में आयोजित मशहूर जोड़ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। तेज बारिश की वजह से अचानक उफनाई नदी के बीच 50 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए। खबर मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
विकासनगर में दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर भी बारिश ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जुड्डो और लखवाड़ के बीच स्थित एक झरना अचानक उफान पर आ गया, जिसके चलते चारधाम यात्रा मार्ग पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। झरने के इस रौद्र रूप को देखकर यात्री हैरान रह गए और कई वाहन घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। राहत की बात यह रही कि कोई भी वाहन इस तेज बहाव की चपेट में नहीं आया और पानी कम होने के बाद ही यातायात दोबारा शुरू हो सका।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने का अनुमान जताया है। ऐसे में प्रशासन ने सभी यात्रियों और स्थानीय लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही लोगों से कहा गया है कि वे केवल आधिकारिक और सटीक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से हालात पर नजर बनाए हुए है।