10 साल, 30 गुना Salary Hike! CA Anirudh Rapole की कहानी ने Internet पर मचाया तहलका

By Ankit Jaiswal | Jun 02, 2026

कभी-कभी किसी व्यक्ति की पेशेवर यात्रा हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाती है। ऐसा ही एक उदाहरण चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिरुद्ध रापोले की कहानी से सामने आया है, जिन्होंने अपने करियर के दस वर्षों की आय और प्रमोशन का पूरा डिटेल शेयर कर बताया कि निरंतर मेहनत और सही अवसर किस तरह किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकते हैं।

बता दें कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई के दौरान व्यावहारिक प्रशिक्षण को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी प्रशिक्षण के दौरान अनिरुद्ध को उद्योग की कार्यप्रणाली समझने और पेशेवर अनुभव हासिल करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दूसरे वर्ष में उनकी वार्षिक आय बढ़कर 2.52 लाख रुपये हो गई। इसके बाद तीसरे वर्ष में यह बढ़कर 3.36 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गई।

गौरतलब है कि वर्ष 2016 उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें वरिष्ठ सहयोगी के पद पर नियुक्त किया गया और उनकी आय लगभग दोगुनी होकर 6.5 लाख रुपये वार्षिक हो गई। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन और अनुभव के बल पर संगठन में आगे बढ़ना जारी रखा।

वर्ष 2018 में उन्हें सहायक प्रबंधक के पद पर प्रमोशन मिली। इस पद पर उनकी वार्षिक आय 13.5 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके साथ ही उन्हें प्रदर्शन आधारित अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलने लगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय और लेखा क्षेत्र में अनुभव के साथ आय वृद्धि की संभावनाएं काफी बेहतर होती हैं।

अनिरुद्ध के करियर में एक और बड़ा बदलाव वर्ष 2021 में आया, जब उन्होंने भारत से स्वीडन में स्थानांतरण किया। वहां उन्हें सहायक प्रबंधक के रूप में लगभग 46.30 लाख रुपये वार्षिक आय मिलने लगी। अगले ही वर्ष उनकी आय बढ़कर 57.80 लाख रुपये सालाना हो गई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और स्वीडन की आय की तुलना करते समय क्रय शक्ति और जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखना जरूरी है।

वर्ष 2024 में उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में नया कदम उठाते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद से प्रबंधन की पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि आगे की आय और अनुभव के बारे में भी वह भविष्य में जानकारी साझा करेंगे।

अनिरुद्ध रापोले का कहना है कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी ऐसा पेशा है जो मेहनत और निरंतरता के आधार पर किसी भी व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर देता है। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और शुरुआती दौर में उन्हें विशेष मार्गदर्शन भी उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद सही दिशा में लगातार प्रयास करने से उन्हें सफलता मिली।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अपनी आय का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि उन युवाओं को वास्तविक तस्वीर दिखाना है जो चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। उनकी यह कहानी आज कई विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए प्रेरणा बनती नजर आ रही हैं।

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