By Ankit Jaiswal | Jun 07, 2026
एआई की दुनिया में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ओपनएआई अपने सबसे लोकप्रिय उत्पाद चैटजीपीटी में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी चैटजीपीटी को एक ऐसे व्यापक मंच में बदलना चाहती है, जहां केवल सवाल-जवाब ही नहीं बल्कि प्रोग्रामिंग, चित्र निर्माण और अन्य डिजिटल सेवाओं का भी एकीकृत अनुभव मिल सके।
गौरतलब है कि ओपनएआई को इस समय एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण कंपनी अपने संसाधनों का पुनर्गठन कर रही है और उन क्षेत्रों में अधिक निवेश कर रही है जहां से स्थायी आय प्राप्त हो सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार प्रस्तावित बदलावों में कंपनी के प्रोग्रामिंग मंच "कोडेक्स" को अधिक महत्व दिया जाएगा। आने वाले सप्ताहों में चैटजीपीटी की वेबसाइट और मोबाइल अनुप्रयोगों में नए बदलाव दिखाई दे सकते हैं। इन बदलावों के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को प्रोग्रामिंग, चित्र निर्माण और अन्य सहयोगी सेवाओं की ओर अधिक आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
बता दें कि कंपनी कुछ साझेदार सेवाओं को भी अधिक प्रमुखता देने की योजना बना रही है। इनमें डिज़ाइन और यात्रा बुकिंग जैसी सेवाएं शामिल हो सकती हैं। उद्देश्य यह है कि यूजर एक ही मंच पर अधिक काम कर सकें और विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग मंचों पर जाने की जरूरत कम हो।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोडेक्स का उपयोग करने वाले अधिकांश लोग भुगतान करने वाले ग्राहक हैं। यही कारण है कि कंपनी इस क्षेत्र को भविष्य की आय का प्रमुख स्रोत मान रही है। वर्तमान में लगभग 20 लाख व्यवसाय ओपनएआई की सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं और कंपनी की कुल आय का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं ग्राहकों से आता है।
गौरतलब है कि ओपनएआई को उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक उसकी कुल आय में व्यावसायिक ग्राहकों की हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कंपनी अब केवल आम यूर्जस पर निर्भर नहीं रहना चाहती है।
चैटजीपीटी की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। कंपनी ने इस वर्ष बताया था कि उसके मंच का उपयोग हर सप्ताह 90 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता कर रहे हैं। इसके अलावा 5 करोड़ से अधिक लोग उपभोक्ता सदस्यता सेवाओं का हिस्सा बन चुके हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी भविष्य में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने की संभावना पर भी विचार कर रही है। हालांकि ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल कंपनी का ध्यान सूचीबद्धता के समय पर नहीं बल्कि अपने उत्पादों और सेवाओं को मजबूत बनाने पर है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बदलाव सफल रहता है तो चैटजीपीटी केवल एक संवाद मंच नहीं रहेगा, बल्कि दैनिक कार्यों, प्रोग्रामिंग, रचनात्मक कार्यों और डिजिटल सेवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में ओपनएआई की रणनीति और चैटजीपीटी में होने वाले बदलावों पर पूरी तकनीकी दुनिया की नजर बनी हुई है।