Chelsea ने लियम रोसेनियर को बनाया नया हेड कोच, युवा टीम पर रहेगा फोकस

By Ankit Jaiswal | Jan 06, 2026

रोमन अब्रामोविच के दौर में चेल्सी किसी भी कीमत पर जीत के लिए तैयार रहती थी। बड़े नाम, महंगे सौदे और तत्काल नतीजे क्लब की पहचान थे। अब भी मालिकाना हक़ आर्थिक रूप से मजबूत है, लेकिन प्रीमियर लीग के पीएसआर और यूएफा के एफएफपी नियमों के चलते क्लब की रणनीति बदली हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मौजूदा प्रबंधन तात्कालिक नतीजों से ज्यादा खिलाड़ियों के विकास और भविष्य की योजना पर ध्यान दे रहा है।


इसी सोच के तहत ब्लूको ने अपने दूसरे क्लब, फ्रेंच लीग-1 की टीम स्ट्रासबर्ग के मुख्य कोच लियम रोसेनियर को स्टैमफोर्ड ब्रिज की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। 41 वर्षीय रोसेनियर ने 2024 में पैट्रिक विएरा की जगह स्ट्रासबर्ग की कमान संभाली थी और अब वह एन्ज़ो मारेस्का की जगह चेल्सी के हेड कोच बने।


गौरतलब है कि रोसेनियर का नाम भले ही बड़े सितारों की तरह चर्चित न हो, लेकिन कोचिंग जगत में उनकी छवि एक बेहतरीन शिक्षक और रणनीतिक दिमाग की रही है। बतौर खिलाड़ी उन्होंने प्रीमियर लीग और चैंपियनशिप में डिफेंडर के रूप में लंबा करियर बिताया। खेल से संन्यास के बाद वह पंडित्री से होते हुए कोचिंग में आए और ब्राइटन अंडर-23, डर्बी काउंटी और फिर वेन रूनी के सहायक के तौर पर खुद को साबित किया।


वेन रूनी खुद रोसेनियर की खुलकर तारीफ कर चुके हैं। उनके मुताबिक, रोसेनियर का काम करने का तरीका, खिलाड़ियों पर बारीक ध्यान और रोजमर्रा की तैयारी उन्हें खास बनाती है। यह भी माना जाता है कि डर्बी में कठिन हालात के बावजूद टीम को संभालने में रोसेनियर की भूमिका अहम रही।


कोच के तौर पर रोसेनियर की सबसे बड़ी पहचान युवा खिलाड़ियों को निखारना रही है। हल सिटी में उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद टीम को सातवें स्थान तक पहुंचाया। वहां लियम डेलाप, टायलर मॉर्टन और फैबियो कार्वाल्हो जैसे युवा खिलाड़ियों को उन्होंने भरपूर मौके दिए। स्ट्रासबर्ग में भी उनकी टीम लीग की सबसे युवा टीमों में से एक रही, जिसका औसत उम्र करीब 22 साल रही है।


रणनीति की बात करें तो रोसेनियर भी गेंद पर नियंत्रण और पीछे से खेल बनाने में भरोसा रखते हैं। हालांकि, वह केवल एक सिस्टम तक सीमित नहीं रहते। स्ट्रासबर्ग में उन्होंने 3-4-3 से लेकर चार डिफेंडरों वाली व्यवस्था तक आजमाई है। उनका मानना है कि खिलाड़ियों में साहस और अनुशासन दोनों जरूरी हैं, ताकि दबाव में भी टीम संतुलन बनाए रख सके।

  

चेल्सी के लिए यह नियुक्ति एक बड़ा प्रयोग मानी जा रही है। क्लब उम्मीद कर रहा है कि रोसेनियर न सिर्फ युवाओं को तकनीकी रूप से बेहतर बनाएंगे, बल्कि ड्रेसिंग रूम में अनुशासन और स्थिरता भी लाएंगे। नतीजे तुरंत आएं या न आएं, लेकिन साफ है कि चेल्सी अब एक बार फिर बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुकी है।

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