लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहाड़ी काव्य संग्रह प्रदेश में पहाड़ी बोली को प्रोत्साहित करने में कारगर सिद्ध होगा। डाॅ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर पुलिस विभाग से डी.एस.पी. के पद से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी, शिमला हिमाचल प्रदेश के सदस्य हैं।