मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भूमाफिया के खिलाफ अभियान मात्र ढकोसला, उनके मंत्री भूमाफिया को दे रहे संरक्षण- जीतू पटवारी

By दिनेश शुक्ल | Mar 20, 2021

भोपाल। धर्म के नाम पर ढीढोरा पीटने वाली भाजपा और उसके सरकार के मंत्री उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ महाकुंभ से जुड़ी लोगों की भावनाओं पर कुठाराघात करने में लगे है। यही नहीं राम का नाम जपने वाले यह लोग कालों के काल बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन नगरी के सिंहस्थ मेला क्षेत्र के ग्राम जीवनखेड़ी, सांवराखेड़ी और दाउदखेड़ी की जमीन को नए मास्टर प्लान में आवासीय करवा कर भूमाफिया को पोषित करने के प्रयास में लगे है। जिसमें शिवराज सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहन यादव भूमाफिया के साथ मिलकर अपने व्यक्तिगत हितों को साधने के प्रयास में जुट गए है, जो कि न सिर्फ सिंहस्थ मेला क्षेत्र के लिए हानिकारक है बल्कि विश्वभर से आने वाले श्रृद्धालुओं की आस्था पर भी कुठाराघात है। यह कहना है मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी का। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने इस विषय को लेकर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार से प्रश्न भी किया था। 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में मौसम बदला,आंधी तूफान और ओलों के साथ बेमौसम बरसात

पूर्व मंत्री ने कहा कि विधानसभा में उनके द्वारा लगाए गए प्रश्न के जबाब में जब मंत्री नगरीय विकास एवं आवास ने लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा के सदन में यह कहा है कि मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा-17(क) के अंतर्गत आपत्ति/सुझावों की सुनवाई हेतु गठित समिति द्वारा पर मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 के नियम 12 में निर्धारित समयवाधि में आपत्ति/सुझावों की सुनवाई उपरांत समिति की अनुशंसा संचालन नगर तथा ग्राम निवेश को प्रस्तुत की जावेगी। संचालक समिति से प्राप्त योजना तथा रिपोर्ट को अपनी समीक्षा के साथ राज्य शासन को प्रस्तुत करेंगे। राज्य शासन, संचालक से प्राप्त प्रारूप विकास योजना पर अधिनियम की धारा 19 के अंतर्गत यथोचित निर्णय कर सकेगी। लेकिन इसके विपरीत 450 से अधिक दावे- आपत्तियों को दर किनार करते हुए मात्र 90 मिनट में ही इन पर सुनवाई की रस्म अदायगी कर दी गई वह भी मंत्री मोहन यादव के व्यक्तिगत लालच और बिल्डर लॉबी के चलते यह कार्यवाही प्रशासन द्वारा की गई। यही नहीं इन ग्रामों के 70 से अधिक किसानों पूर्व नियोजित प्लांनिंग के तहत इनके हस्ताक्षर भी ले लिए गए। जबकि जन प्रतिनिधियों में विधायक महेश परमार, रामलाल मालवीय, विधायक पारस जैन, सांसद अनिल फिरोजिया, मंथन परामर्थिक संस्था सहित कई लोगों ने लिखित आपत्तियां लगाई थी। 

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बोले, जरूरत पड़ी तो कोरोना को रोकने सख्त कदम उठाएंगे

जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवरज सिंह चौहान जी एक तरफ तो भूमाफिया को जड़ से उखाड़ फेंकने की बात कहते है तो दूसरी तरफ उनकी की कैबिनेट के मंत्री भूमाफिया को संरक्षण देकर उनके हाथों में खेल रहे है ताकि उनके नीजि स्वार्थ पूरे हो सकें। पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश की सरकार भले ही भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाने की बात करती हो लेकिन उन्ही के राज में भूमाफिया पल बढ़ रहा है। जिसकी एक बानगी बाबा महाकाल के उस पवित्र तीर्थ में देखने को मिल रही है जहाँ हर 12 साल में विश्व का सबसे बड़ा आयोजन होता है। जिसको लेकर सभी सनातनियों और हिन्दू धर्म की आस्थाएं जुड़ी है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से यह आग्रह करना चाहता हूँ कि वह अगर बाबा महाकाल और सिंहस्थ महापर्व में अपनी अस्था रखते है तो सिंहस्थ मेला क्षेत्र के इन ग्रामों की जमीन को भूमाफियाओं से बचाने का काम करें न कि अपने मंत्री को संरक्षण देकर हिन्दू धर्म की मान्यताओं पर कुठाराघात करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद जैसी सर्वमान्य संस्था की आपत्ति पर ध्यान न देकर इस क्षेत्र से जुड़ी सभी की अस्था पर कुठाराघात करें।  

प्रमुख खबरें

Pedicure at Home: घर पर पार्लर जैसा Pedicure करें, पैरों की खूबसूरती से सबको चौंका दें

Dhurandhar 2 का Box Office पर ऐसा क्रेज, टिकट के लिए तरसे Sunil Gavaskar, एक्टर से मांगी मदद

RCB का बड़ा एक्शन: Chinnaswamy Stadium की सुरक्षा पर 7 करोड़ खर्च, AI से होगी निगरानी

West Asia संकट के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, Petrol-Diesel का पूरा स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं