Health Tips: ADHD से जूझ रहा बच्चा रातभर रहता है बेचैन? समझिए Sleep और Brain का पूरा कनेक्शन

By अनन्या मिश्रा | May 15, 2026

आमतौर पर ADHD के लक्षण बच्चों में 3 से 6 साल की उम्र के बीच सामने आने लगते हैं। इस स्थिति को कंट्रोल करने की कोशिश करना एक बड़ा काम है। ADHD बचपन के सबसे आम न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों में से एक है। वहीं आमतौर पर इसका निदान बचपन में होता है और यह वयस्कता तक रहता है। वहीं इस स्थिति को कंट्रोल करने के लिए कई उपचार हैं। वहीं सही डाइट फॉलो करने से भी बच्चों को काफी मदद मिल सकती है। ADHA और नींद के बीच गहरा संबंध है। वहीं एडीएचडी से पीड़ित बच्चों में नींद में गड़बड़ी, सांस लेने में तकलीफ और अन्य समस्याओं से जूझते हैं।

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ADHD और नींद के बीच का संबंध जटिल है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि इसके लक्षण आपकी नींद को प्रभावित कर सकते हैं। नींद की कमी आपके लक्षणों को प्रभावित कर सकती है। लेकिन कुछ मामले में ADHS नींद संबंधी समस्याओं की वजह बन सकता है।

ADHA आपके शरीर की जैविक घड़ी या सर्कैडियन रिदम को प्रभावित कर सकता है। जोकि नींद के पैटर्न को कंट्रोल करती है। इससे आपको जरूरत के समय सोने में परेशानी हो सकती है। वहीं ADHD से पीड़ित लोगों में अवसाद या चिंता जैसे मनोदशा संबंधी विकार होने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी अनिद्रा की वजह बन सकती है।

एडीएचडी से सबसे अधिक होने वाली नींद संबंधी समस्याएं

सुबह उठने में परेशानी

रात भर नींद टूटना

सुबह उठने पर तरोताजा न लगना

रात में सोने में 1 घंटे से ज्यादा समय लगना

प्रबंधन और सहायता के उपाय

सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए थेरेपी।

खेलने, पढ़ने और सोने का समय निश्चित करना चाहिए।

काम को छोटे-छोटे चरणों में बांटें।

स्कूल में बच्चे की एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए टीचर्स के संपर्क में रहें।

वहीं लक्षण गंभीर होने पर पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट या बाल मनोवैज्ञानिक से संपर्क करना चाहिए।

ADHA और नींद का संबंध

हाइपरएक्टिविटी

ADHD वाले बच्चों का दिमाग सोने के समय भी काफी ज्यादा सक्रिय रहता है। वहीं सोने पर दिमाग को शांति मिलती है।

मेलाटोनिन की कमी

अक्सर एडीएचडी वाले बच्चों में नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन का उत्पाद देर से होता है। जिस कारण उनको देर रात तक नींद नहीं आती है।

दवाओं का असर

ADHD के लिए जो दवाएं जी जाती हैं, वह भी कभी-कभी नींद में बाधा डाल सकती हैं।

यहां जानिए बेहतर नींद के उपाय

ADHD से पीड़ित बच्चे का सोने का समय तय होना चाहिए।

वहीं सोने से करीब 1 घंटा पहले टीवी, फोन या टैबलेट बंद कर देना चाहिए।

कमरे का वातावरण शांत होना चाहिए और कमरे में पर्याप्त अंधेरा होना चाहिए।

पढ़ने या शांत संगीत सुनने से सोने के लिए तैयार करने में सहायता मिलती है।

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