By अभिनय आकाश | Jun 08, 2026
पाकिस्तान में कैसे खुलेआम आतंकी फैक्ट्रियां चलती है और इन्हें पालने पोसने का काम कैसे वहां की सरकार और सेना करती है। यह बात भी जगजाहिर है। जिनका इस्तेमाल खासकर भारत के खिलाफ किया जाता है। लेकिन फिर भी पाकिस्तान इस बात को छुपाने के लिए आए दिन नए-नए प्रोपेगेंडा लेकर सामने आता रहता है। हालांकि वह अपने इस प्रोपेगेंडा में खुद ही फंस जाता है। एक बार फिर जब पाकिस्तान ने यूएन में अपने सदाबहार दोस्त चीन का सहारा लेकर भारत को फंसाने की कोशिश की, तो अमेरिका ने ऐसी पटकी मारी कि पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया और पाकिस्तान की वो साजिश फेल हो गई जिसके लिए वो कई सालों से कोशिशें कर रहा था। यह कहावत तो आपने सुनी होगी कि 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। वैसा ही कुछ हाल पाकिस्तान का है। जो पाकिस्तान आतंकी मंडियों के चलाने के लिए मशहूर है, वह अब आतंकवाद को लेकर भारत को घेरने की कोशिशें कर रहा है और उसकी ये कोशिश इस बार उस अमेरिका ने ही फेल कर दी जिस पर वो कुछ समय से कुछ ज्यादा ही उछल रहा था।
दरअसल पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 आतंकवाद प्रतिबंध व्यवस्था के तहत बीएएलए और मस्जिद ब्रिगेड को प्रतिबंधित लिस्ट में डालने का प्रस्ताव रखा था। यह वही व्यवस्था है जिसका इस्तेमाल अलकायदा और आईएसआईएस से जुड़े संगठनों और व्यक्तियों पर वैश्विक प्रतिबंध लगाने के लिए किया जाता है। पाकिस्तान ने सोचा था कि बीएएलए और मस्जिद ब्रिगेड को प्रतिबंध लिस्ट में डाल दिया गया तो ये संगठन आतंकी घोषित हो जाएंगे और फिर भारत को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने का प्रोपेगेंडा शुरू हो जाएगा। भारत ने इस मामले में सक्रिय कूटनीतिक का दमदार प्रदर्शन किया। फ्रांस ने भी भारत के रूप का खुलकर सपोर्ट किया। ठीक उसी तरह जैसे भारत के प्रस्तावों को चीन की मदद से पाकिस्तान रोकता है।