By अंकित सिंह | Apr 10, 2024
देश में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत जबरदस्त तरीके से गर्म है। इन सब के बीच चीन का मुद्दा भी इस चुनाव में खूब उठ रहा है। विपक्षी दल लगातार मोदी सरकार पर देश को कमजोर करने का आरोप लगा रहे हैं। विपक्षी दलों की ओर से दावा किया जा रहा है कि चीन लगातार हमारे जमीन पर कब्जा कर रहा है लेकिन हमारी सरकार कुछ भी नहीं कर रही है। तो दूसरी ओर भाजपा नेताओं की ओर से दावा किया जा रहा है कि एक भी इंच जमीन पर कोई भी कब्जा नहीं कर सकता है। जो भी इस तरह के दुस्साहस करेगा, उसे मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। यह मोदी की सरकार है। कमजोर सरकार नहीं है। लेकिन देखा जाए तो इस मुद्दे को लोकसभा चुनाव में भुनाने की कोशिश दोनों ओर से की जा रही है और चीन भारत में सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि चीन के साथ दुश्मनी हर दिन बढ़ती जा रही है। वहीं चीन हमारे देश का जो हिस्सा है उस पर कब्ज़ा करने की मांग कर रहा है। चीन लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक हमारी सीमाओं में घुसपैठ कर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस पार्टी ने घोषणापत्र में कहा है कि चीन के साथ हमारी सीमाओं पर यथास्थिति बहाल करने के लिए काम करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वे क्षेत्र, जहां दोनों सेनाएं अतीत में गश्त करती थीं, फिर से हमारे सैनिकों के लिए पहुंच योग्य हों। कांग्रेस ने अमित शाह के बयान को लेकर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद अब शाह ने भी चीन को क्लीन चिट दे दी है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा मोदी सरकार कुछ तथ्यों से इनकार कर रही है। मसलन, चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है, चीन ने लद्दाख के 65 पेट्रोलिंग प्वाइंट में से 26 पर कब्जा कर लिया है और चीन ने अरुणाचल प्रदेश के अंदर 50-60 किमी अंदर पूरे गांव बना लिए हैं।
चीन को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश दोनों ही तरफ से की जा रही है। विपक्षी दल केंद्र की मोदी सरकार को कमजोर करार देने की कोशिश में चीन का मामला बार-बार उठा रहे हैं। लोगों में यह संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार कुछ नहीं कर रही है। देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। दूसरी ओर चीन को लेकर भाजपा की आक्रामकता यह बताने की कोशिश कर रही है कि हम किसी भी मसले पर पीछे हटने वाले नहीं है। चीन को उसी की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। कुल मिलाकर देखें तो सियासी फायदे के लिए जबरदस्त तरीके से देश की सुरक्षा को भी मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है।