China Military Parade | ड्रैगन ने अमेरिका को दिखायी 'एकता की हड्डी'! चीन -रूस- उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर खड़े साथ, घातक हथियारों से किया महाशक्ति प्रदर्शन

By रेनू तिवारी | Sep 03, 2025

बीजिंग ने बुधवार को द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के 80 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल सैन्य परेड का आयोजन किया। अमेरिकी टैरिफ तनाव के बीच बीजिंग के साथ संबंधों को मज़बूत करने के लिए लगभग दो दर्जन विदेशी नेता इसमें शामिल हुए। सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले अतिथियों में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति शामिल हैं। दक्षिण पूर्व एशिया के नेता भी मौजूद हैं। इस भव्य आयोजन में युद्धकालीन स्मृति के साथ-साथ चीन की आधुनिक सैन्य शक्ति और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का अद्भुत प्रदर्शन भी हुआ।

किम अपनी बेटी के साथ बीजिंग आये 

द्वितीय विश्व युद्ध में ‘‘जापानी आक्रमण’’ के खिलाफ चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस परेड में सैकड़ों सैनिकों ने भाग लिया। किम अपनी बेटी किम जू ए के साथ मंगलवार रात को ट्रेन से बीजिंग पहुंचे। यह 2019 के बाद से उनकी दूसरी चीन यात्रा है और किम के पुतिन से करीबी संबंध स्थापित करने के प्रयासों के बीच उत्तर कोरिया और चीन के बीच दरार की अफवाहों के बाद यह पहली यात्रा है।

बीजिंग में शी, पुतिन और किम की एक साथ उपस्थिति 

बीजिंग में शी, पुतिन और किम की एक साथ उपस्थिति, विशेष रूप से एक सैन्य परेड में, चीन द्वारा अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक कड़ा संदेश भेजने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। बीजिंग में उनकी मुलाकात तियानजिन में 10 सदस्यीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन के बाद हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शी और पुतिन के साथ बैठकें चर्चा में रहीं। यह बैठक ट्रंप द्वारा रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) लगाने की पृष्ठभूमि में हुई थी।

चीन के प्रतिरोध युद्ध की स्मृति में आयोजित परेड

द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीन के प्रतिरोध युद्ध की स्मृति में आयोजित परेड में विदेशी नेताओं की उपस्थिति, जापान और चीन के बीच कूटनीतिक विवाद का विषय बन गई है, क्योंकि तोक्यो ने विश्व नेताओं से इसमें भाग न लेने का आग्रह किया था। चीन ने विश्व नेताओं से इस कार्यक्रम में शामिल न होने के अनुरोध को लेकर जापान के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है। चीन अपने वैश्विक प्रभाव और सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है, जिसे शी की छवि को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

चीनी सेना पहली बार अत्याधुनिक हथियारों का भी सार्वजनिक प्रदर्शन कर रही है 

बीजिंग ऐतिहासिक तियानमेन चौक पर इस आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। अपने हथियारों को लेकर अक्सर गोपनीयता बरतने वाली चीनी सेना पहली बार अपने अत्याधुनिक हथियारों का भी सार्वजनिक प्रदर्शन कर रही है, जिनके बारे में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का दावा है कि वे अमेरिकी सेना के हथियारों से मेल खाते हैं। चीन और विश्व भर से बड़ी संख्या में पत्रकारों को भारी सुरक्षा के बीच आयोजित होने वाली इस परेड में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

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