By अभिनय आकाश | May 29, 2026
चीन और उसके झगड़े कभी खत्म नहीं होंगे और यही वजह है कि दक्षिण चीन सागर में लगातार तनाव का नया मोर्चा खुलता चला जा रहा है। चीन और पश्चिमी देशों के बीच समुद्री अधिकारों को लेकर लंबे समय से विवाद है और इस बीच चीन ने आरोप लगाया है कि नीदरलैंड की डच नेवी का युद्धपोत डी रुएटर उसकी समुद्री सीमा में घुस गया और वहां हेलीकॉप्टर ऑपरेशन भी किया। इसके बाद चीनी सेना ने उसे रोकने और वहां से हटाने के लिए कारवाई की। इस बीच हंगामा काफी ज्यादा बढ़ गया। दावा किया जा रहा है कि डच नेवी का युद्धपोत, डच नेवी का हेलीकॉप्टर दक्षिण चीन सागर में ऑपरेशन कर रहा है और इससे चीन को आपत्ति है। चीन की पीपल लिबरेशन आर्मी ने आरोप लगाया है कि नीदरलैंड की नौसेना का यह युद्धपोत डी रूटर चीन के शीशाद्वीप समूह के पास उसकी समुद्री सीमा में अवैध रूप से घुसा। इस घटना के बाद चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए डच जहाज को चेतावनी दी और उसे वहां से हटाने के लिए सैन्य कारवाई की।
अमेरिका और यूरोपीय देश अक्सर फ्रीडम ऑफ नेविगेशन यानी कि समुद्री स्वतंत्रता के नाम पर यहां अपने युद्धपोत भेजते रहे हैं जिससे चीन उकसावे की कारवाई मानता है। सूत्र के मुताबिक समुद्र में स्थिति काफी तनावपूर्ण थी जब इस तरह के हालात बन गए थे। चीनी नौसेना के जहाज और लड़ाकू विमान लगातार डच फ्रिगेट की निगरानी कर रहे थे। रेडियो संदेश के जरिए चेतावनी दी जा रही थी और दोनों पक्षों के बीच सैन्य सतर्कता बढ़ गई थी। ऐसे हालात में एक अगर छोटी सी भी कोई चूक होती तो फिर हालात और भी ज्यादा बिगड़ सकते थे। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि क्या दक्षिण चीन सागर आने वाले समय में वैश्विक संघर्ष का एक बड़ा केंद्र बनेगा क्योंकि जिस तरह से चीन दक्षिण चीन सागर में गुंडागर्दी करने पर उतारू है उससे पता चलता है चीन के इरादे अच्छे नहीं है।