By अभिनय आकाश | Apr 21, 2026
पश्चिमी एशिया का तनाव अभी निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि पूरी दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हैं। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता की तैयारी चल रही है। दूसरी ओर ईरान हॉर्मुज में अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है। इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम में एक नई एंट्री चीन की हुई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ फोन पर बातचीत की है। इस चर्चा के दौरान ईरान और होर्मुज स्टेट की स्थिति पर विस्तार से बात हुई है। दरअसल, होर्मुद के बंद रहने से वैश्विक स्तर पर खासकर एशिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है। चीन ईरानी तेल का प्रमुख आयातक है। अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के लंबे समय तक चलने से चिंतित है।
शी ने कहा कि चीन क्षेत्रीय देशों का समर्थन करता है कि वे परस्पर अच्छे पड़ोसी होने, विकास, सुरक्षा और सहयोग के आधार पर अपना भविष्य स्वयं अपने हाथ में रखें, तथा क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा को बढ़ावा दें। उनकी यह टिप्पणी महत्वपूर्ण थी क्योंकि चीन ने पश्चिम एशिया में एक प्रमुख राजनयिक सफलता” हासिल की, जिसके तहत मार्च 2023 में कट्टर प्रतिद्वंद्वी ईरान और सऊदी अरब को एक साथ लाया गया। परिणामस्वरूप, दोनों देशों ने राजनयिक संबंध बहाल कर लिए। अमेरिका-ईरान संघर्ष ने लेकिन सब कुछ बदल दिया है, ईरान ने सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देशों पर हमला करने के अलावा, उसके खिलाफ अमेरिकी युद्ध का मुकाबला करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इसके अलावा, चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नौसेना द्वारा चीन से ईरान के बंदरगाह की ओर जा रहे उस मालवाहक जहाज पर गोलीबारी करने पर चिंता व्यक्त की है, जिसने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन किया था।