'चीन के पास डीपसीक, अमेरिका के पास चैट-जीपीटी', राघव चड्ढा का सवाल, AI के युग में कहां खड़ा है भारत?

By अंकित सिंह | Mar 25, 2025

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को संसद में कहा कि भारत को वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र के मेक इन इंडिया को अब मेक एआई इन इंडिया में बदलना चाहिए। राज्यसभा में बोलते हुए, चड्ढा ने कहा कि अमेरिका और चीन ने एआई में बड़ी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास चैटजीपीटी, जेमिनी, एंथ्रोपिक और ग्रोक हैं, जबकि चीन के पास डीपसीक है - एक एआई मॉडल जिसमें सबसे अधिक क्षमता और सबसे कम उत्पादन लागत है। लेकिन इस एआई युग में भारत कहां खड़ा है? क्या भारत पीछे रह गया है?

इसे भी पढ़ें: सांसदों की तो बल्ले-बल्ले, वेतन में 24 हजार का इजाफा, पेंशन-भत्ता भी बढ़ा, जानें अब कितनी होगी सैलरी

आप सदस्य ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी पांचवी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन ने पिछले चार पांच साल में एआई पर खासी रिसर्च की और उसमें निवेश तथा प्रयोग किए। उन्होंने कहा कि कुल एआई कार्य बल का 15 फीसदी हिस्सा भारतीय हैं। ‘‘भारत के पास प्रतिभा है, मेहनती लोग हैं, ब्रेन पॉवर है, डिजिटल अर्थव्यवस्था है, हमारे यहां 90 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपभोक्ता हैं। फिर भी वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर एआई के संदर्भ में नजर रहीं आता। वह एआई उत्पादक बनने के बजाय एआई उपभोक्ता बन गया है।’’ आप सदस्य ने कहा कि करीब 15 फीसदी यानी लगभग साढ़े चार लाख भारतीय एआई के क्षेत्र में भारत से बाहर काम कर रहे हैं और एआई दक्षता में भारत की रैंक तीसरी है। उन्होंने कहा ‘‘इसका मतलब है कि भारत के पास प्रतिभा है।’’

प्रमुख खबरें

Nirjala Ekadashi 2026: साल की सबसे बड़ी एकादशी आज, एक व्रत से मिलेगा 24 एकादशियों का महापुण्य

PoK में रोकी गयी खाना-पानी, ईंधन और दवाओं की सप्लाई! पाकिस्तान की इस गंदी चाल के पीछे की वजह हैरान करने वाली!!

Ketan Agarwal Murder Case | शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी सिया गोयल, मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के पीछे सामने आया नया मकसद

Rajdhani Express में वेज बिरयानी में मिली मक्खी: IRCTC ने कैटरिंग फर्म पर लगाया ₹1 लाख का जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने का नोटिस