तीस्ता के बहाने चिकन नेक के करीब बढ़ रहा चीन? भारत ने जताई चिंता तो ड्रैगन का आया ये जवाब

By अभिनय आकाश | Jun 30, 2026

चीन ने भारत की चिंताओं के बावजूद तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना (TRCMRP) के लिए अपना समर्थन दोहराया है। इसके साथ ही चीन ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश के साथ उसका सहयोग किसी तीसरे पक्ष के प्रभाव से मुक्त होना चाहिए। भारत की गंभीर चिंताओं पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने संवाददाताओं से कहा मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि चीन-बांग्लादेश सहयोग किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है और इसे किसी भी तीसरे पक्ष के प्रभाव से मुक्त होना चाहिए। तीस्ता नदी का बेसिन भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र (Northeastern Region) के बेहद करीब स्थित है। यही मुख्य कारण है कि ढाका और बीजिंग (बांग्लादेश और चीन) की इस संयुक्त पहल को लेकर भारत लगातार अपनी चिंताएं जता रहा है।

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इस साल जनवरी में बांग्लादेश वॉटर डेवलपमेंट बोर्ड (BWDB) और चीन की सरकारी कंपनी POWERCHINA ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) की अवधि बढ़ाने के लिए साइन किए, जिससे तीस्ता प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सके। भारत को चीन की इस मामले में भागीदारी को लेकर चिंता है, क्योंकि यह नदी रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर (जिसे 'चिकन्स नेक' भी कहा जाता है) के बहुत करीब है। इस इलाके में बाहरी प्रभाव का कोई भी विस्तार, खासकर चीन की मौजूदगी, भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकता है और उस कॉरिडोर के लिए रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकता है जो भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।

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