By अभिनय आकाश | Jun 09, 2022
चीन की नौसेना युद्धपोतों के मामले में दुनिया में सबसे बड़ी मानी जाती है। इसलिए कंबोडिया तक चीन की पहुंच होना दक्षिण पूर्व एशिया के लिए बेहद खतरनाक है। चीन दक्षिण चीन सारग से लेकर पेसिफिक रिजन तक लगातार अपने सैन्य बेस की संख्या बढ़ा रहा है। ताकी कोई अगर जंग की स्थिति बनती है तो चीन बड़े हमले के लिए तैयार रहेगा। कंबोडिया में बन रहा यह नौसैनिक अड्डा भारत के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। इस अड्डे से भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह की दूरी मात्र 1200 किमी है। अफ्रीका के जिबूती के बाद चीन का विदेश में दूसरा नौसैनिक अड्डा होगा।
सोलोमन के बाद अब चीन की नजरें वनुआतु और किरिबाती पर भी है। किरिबाती आइलैंड अमेरिका के हवाई राज्य से सिर्फ 3 हजार किलोमीटर की दूरी पर है। जहां अमेरिकी सेना की इंडो पैसिफिक कमांड का हेडक्वाटर है। खुफिया रिपोर्ट से ये पता चला है कि चीन अब अमेरिका के स्टेट ऑफ हवाई के पास मिलिट्री बेस बनाना चाहता है। दरअसल, चीन ये बात अच्छी तरह जानता है कि अगर उसे दुनिया पर अमेरिका की तरह राज करना है तो समुंदर में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी। दुनिया के हर हिस्से में अमेरिका की घेराबंदी करनी होगी।