By अभिनय आकाश | Aug 31, 2026
ताइवान के मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) ने नागरिकों को चीन की यात्रा करते समय ज़्यादा सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी एक ताइवानी व्यक्ति के उस दावे के बाद दी गई है जिसमें उसने कहा था कि एमनेस्टी इंटरनेशनल में पहले काम करने की वजह से उसके बेटे से शंघाई में छह घंटे तक पूछताछ की गई थी। 'द ताइपे टाइम्स' ने यह रिपोर्ट दी है। 'द ताइपे टाइम्स' के अनुसार, MAC ने बताया कि 1 जनवरी, 2024 से अब तक 426 ताइवानी लोग चीन में या तो लापता हो गए, हिरासत में लिए गए या उनकी आवाजाही पर रोक लगाई गई। यह संख्या पिछले हफ़्ते की तुलना में सात ज़्यादा है। इन मामलों में, 160 ताइवानी लोगों के लापता होने की सूचना मिली, 36 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और 230 लोगों की आवाजाही की आज़ादी पर रोक लगाए जाने का संदेह था।
यह ताज़ा मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक ताइवानी व्यक्ति ने बताया कि शंघाई में बिज़नेस के सिलसिले में यात्रा करते समय चीनी कस्टम अधिकारियों ने उसके बेटे को रोक लिया था।
'द ताइपे टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, सादे कपड़ों में आए तीन अधिकारियों ने कथित तौर पर उससे एमनेस्टी इंटरनेशनल में उसके पिछले काम के बारे में पूछताछ की। इसमें संस्था की फंडिंग, चीन, हांगकांग, शिनजियांग और तिब्बत से जुड़ी गतिविधियां और एक्टिविस्ट व राजनीतिक हस्तियों के साथ उसके संपर्क शामिल थे। अधिकारियों ने कथित तौर पर उस व्यक्ति पर अपना सेलफोन अनलॉक करने का दबाव डाला और उसके मैसेज, तस्वीरें, ईमेल और काम से जुड़ी फाइलें देखीं।
आखिरकार उसने चीन में प्रवेश करने का अपना आवेदन वापस ले लिया और सुरक्षित ताइवान लौट आया। MAC ने कहा कि यह घटना अधिकारियों द्वारा पहले दर्ज की गई ऐसी ही घटनाओं से मेल खाती है, हालांकि परिवार ने इस मामले की औपचारिक रूप से रिपोर्ट नहीं की थी, जैसा कि 'द ताइपे टाइम्स' ने बताया है।