By अभिनय आकाश | Oct 13, 2026
चीन ने भारत की निर्विवाद संप्रभुता को चुनौती देने की बेताब कोशिशें कीं। उसने तब बेकार की आपत्तियां उठाईं जब केंद्र सरकार ने आधिकारिक मैपिंग के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 28 रणनीतिक जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के नामों की पहचान की और उन्हें स्टैंडर्ड रूप दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के साथ मिलकर आधिकारिक तौर पर 28 जगहों जिनमें चोटियां, दर्रे, ज़मीन के हिस्से और जल निकाय शामिल हैं—की पहचान उनके स्टैंडर्ड नामों से की, ताकि उन्हें 'सर्वे ऑफ इंडिया' (SoI) के आधिकारिक नक्शे में शामिल किया जा सके। गृह मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में एक बयान में कहा, "केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 'सर्वे ऑफ इंडिया' के नक्शे पर आधिकारिक तौर पर इनकी पहचान करने का मकसद इनकी सही पहचान और आम जनता के बीच इनके बारे में बेहतर जानकारी को बढ़ावा देना है।
चुनी गई 28 जगहों में इस इलाके की अहम भौगोलिक विशेषताएं शामिल हैं: चोटियां और पहाड़: अतिशा गिरी (चोटी), कनिष्क पीक (चोटी), करुण पीर (पहाड़), मार्तंड गिरी (चोटी), ड्रैक कार्पो (पहाड़), जोल्मोरी (पहाड़), रिंचेन ज़ंगपो (चोटी), शाक्यश्री गिरी (चोटी), मारपा लोत्सावा री (चोटी), मिलारेपा कांगरी (चोटी), शिव री (चोटी), ज़ोरावर पीक (चोटी) और महेश्वर री (चोटी)। दर्रे और ग्लेशियर: चापचिंगल दर्रा (दर्रा), शचमिर्क दर्रा (दर्रा), पारपिक (ग्लेशियर) और स्कमरी ग्लेशियर (ग्लेशियर)। ज़मीन के इलाके: ब्रांगसा लैंड (इलाका), कुकसेल (ज़मीन का इलाका), डेहरा कंपास (ज़मीन का इलाका), गोगरा (ज़मीन का इलाका), कुमारयण पॉइंट (ज़मीन का इलाका), पांगलुंग (ज़मीन का इलाका) और शामल लुंगपा (ज़मीन का इलाका)। घाटियां और जल स्रोत: श्कोर्गा घाटी (घाटी), गुरु रिंपोचे (झील), यांगपा नदी (नदी) और हॉट स्प्रिंग (जल स्रोत)।