PM मोदी की ट्रिपल स्ट्राइक से कांपा चीन, इंडोनेशिया से न्यूजीलैंड तक ड्रैगन का गेम ओवर!

By अभिनय आकाश | Jul 11, 2026

पीएम मोदी की ट्रिपल स्ट्राइक जिससे चीन को चित्त करने की तैयारी है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी अपने छ दिवसीय दौरे के आखिरी चरण में न्यूजीलैंड पहुंच चुके हैं और इसके पहले पीएम मोदी ने इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया पहुंचकर हिंदुस्तान की बढ़ती ताकत का एहसास करा। दुनिया के सामने दिखाया। लेकिन इन देशों की यात्रा ने ड्रैगन की ताकत को, चीन की ताकत को ऐसा चैलेंज कर दिया कि पूरा देश सदमे में है। मोदी की अय्यंत्र शक्ति चीन को चित्त करेगी। इंडोनेशिया टू न्यूजीलैंड फेल होगा ड्रैगन का प्लान। इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और अब न्यूजीलैंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये तीन देशों का दौरा महज एक कूटनीतिक यात्रा नहीं है बल्कि इंडोपेसिफिक में भारत की रणनीतिक ताकत बढ़ाने और चीन के बढ़ते प्रभाव का संतुलन तैयार करने की तैयारी है। पीएम मोदी की छह दिनों की यात्रा वो सक्सेसर है जिसने समंदर में चीन की चालबाजी के गेम को ऊपर कर दिया। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका ने बम से उड़ाया चीन-ईरान रेल ट्रैक, बीजिंग का भड़का गुस्सा

ऑस्ट्रेलिया से दोस्ती, चीन की नींद उड़ी

पिछले कुछ दिनों में दुनिया, भारत ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते रिश्तों की गवाह बनी है। वेलकमिंग माय फ्रेंड प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी। ऑस्ट्रेलिया हिंद प्रशांत में भारत का सबसे मजबूत रणनीतिक सहयोगी बनकर उभरा। यूरेनियम से लेकर लिथियम और रक्षा सहयोग तक दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं। चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच दोनों देशों ने रक्षा और नौसैनिक सहयोग पर बड़ा समझौता किया। क्वाड की मजबूती बीजिंग के लिए स्पष्ट रणनीतिक संकेत मानी जा रही है। पीएम मोदी ने मेलबर्न से ऑस्ट्रेलिया के साथ मजबूत होते रिश्ते का ऐलान करके इनडायरेक्टली चीन को भी वार्निंग दे दी है। पिछले 12 वर्षों में मैं तीसरी बार यहां आया हूं। यानी इस बार हैट्रिक लगी है। ये दिखाता है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते किस ऊंचाई पर है। 

न्यूजीलैंड में पीएम मोदी चीन की टेंशन बढ़ी

पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया से न्यूजीलैंड की धरती पर पहुंचे तो वहां भी उनका ग्रैंड वेलकम हुआ। न्यूजीलैंड भले ही सैन्य महाशक्ति ना हो लेकिन दक्षिण प्रशांत में उसका प्रभाव बेहद अहम है। प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि करीब चार दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षी न्यूजीलैंड यात्रा है और इस यात्रा का फोकस सिर्फ व्यापार नहीं है बल्कि इंडोपेसिफिक रणनीति और चीन के बढ़ते प्रभाव को साधना है। इसके साथ ही शिक्षा, कृषि और रणनीतिक साझेदारी पर भी अहम बात होगी। यानी पीएम मोदी का यह दौरा दिखाता है कि भारत अब सिर्फ दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि पूरे इंडोपेसिफिक में एक निर्णायक रणनीतिक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। ऐसे समय में जब चीन क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

प्रमुख खबरें

New Zealand के PM Luxon भी हुए PM Modi के मुरीद, बोले- भारत का Transformation शानदार

Christopher Nolan की The Odyssey को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी, बिना किसी कट के मिला A सर्टिफिकेट, भारत में स्टार कास्ट ने किया भव्य प्रीमियर

Ram Mandir-Badrinath दान विवाद: Sadhvi Niranjan Jyoti बोलीं, आस्था से खिलवाड़ महापाप है

INS Mahendragiri कमीशनिंग: Rajnath Singh बोले, Andhra Pradesh बन रहा देश का डिफेंस Powerhouse