By अभिनय आकाश | Apr 08, 2026
मिडिल ईस्ट में जंग अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। एक तरफ अमेरिका इजराइल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ईरान भी जवाबी कारवाही में पीछे नहीं है। लेकिन इसी वैश्विक तनाव के बीच चीन का एक नया खतरा सिर उठा रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती जंग के बीच चीन की गतिविधियों ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। चीन ने अचानक अपने पूर्वी तट के पास सबसे बड़े हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। यह कोई सामान्य कदम नहीं है। आमतौर पर ऐसे प्रतिबंध कुछ दिनों के सैन्य अभ्यास के लिए लगाए जाते हैं। दुनिया को परेशान कर रहा है क्योंकि चीन ने अचानक 40 दिनों के लिए एयर स्पेस बंद कर दिया है। यह प्रतिबंध येलो सी और ईस्ट चाइना सी के हिस्से में लगाया गया है जो करीब 25,900 वर्ग किमी.बताया जा रहा है।
यही वजह है कि अमेरिका ने पूरा फोकस मिडिल ईस्ट की तरफ लगा दिया है। इसी मौके का फायदा उठाकर चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है। ऐसा इसीलिए क्योंकि चीन पहले ही 2027 तक ताइवान पर नियंत्रण का लक्ष्य जाहिर कर चुका है। इसी को देखते हुए ताइवान भी तैयारी में जुटा है। लगातार अपना रक्षा बजट बढ़ाता जा रहा है। सैन्य सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं और अमेरिका से हथियार खरीदने की योजना पर काम हो रहा है। मिडिल ईस्ट जंग के बीच अगर चीन ने ताइवान पर हमला कर दिया तो एक और नया मोर्चा खुल जाएगा। चीन कहता है कि ताइवान उसी का हिस्सा है और यह उसकी सरकारी नीति का हिस्सा है। जबकि ताइवान खुद को एक अलग देश मानता है और उसकी अपनी सरकार, अपनी सेना, अपनी अर्थव्यवस्था है। यानी वो अपने तरीके से चलता है। यह मुद्दा दुनिया भर में विवाद बना हुआ है कि कौन सही है और कौन गलत। इस पर अलग-अलग देशों की अलग-अलग राय है। फिलहाल चीन ने अपने इरादों पर चुप्पी साध रखी है।