By अभिनय आकाश | Sep 05, 2026
जो लोग दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं कुदरत उन्हें एक दिन उसी गड्ढे में धकेल देती है। वैसा ही कुछ इन दिनों चीन के साथ भी हो रहा है। क्योंकि जिस चीन पर नेपाल में आई तबाही को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। नेपाल में मौत के तांडव के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। तिब्बत में हुई मौतों के आंकड़ों को छिपाकर चीन इस शक को और ज्यादा पैदा कर रहा है। आरोप है कि अगर चीन पहले ही नेपाल को चेतावनी दे देता तो हजारों लोगों की जाने बच सकती थी। दावे किए जा रहे हैं कि चीन की किसी परियोजना या बांध के कारण पानी छोड़ा गया था। नेपाल चीन से ग्लेशियर और बाढ़ से जुड़े वास्तविक आंकड़े साझा करने की मांग कर रहा था। लेकिन चीन ने ना कोई अलर्ट जारी किया ना ही डाटा साझा किया। अब आप समझ सकते हैं कि चीन का मकसद क्या था। लेकिन कहते हैं कि जैसा बोओ वैसा ही एक दिन काटना भी पड़ेगा। क्योंकि जिस तरह चीन की वजह से नेपाल में बाढ़ ने तबाही मचाई है। कुछ वैसे ही चीन पर भी अब बहुत बड़ा संकट टूट पड़ा है। जिसने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है।
जिधर देखो उधर पानी ही पानी नजर आ रहा है। एक स्कूल परिसर में तो 2500 से ज़्यादा शिक्षक और छात्र फंस गए। जिसके बाद ड्रोन के जरिए खानापानी पहुंचाया गया। फजियान प्रांत के लोंगयान शहर में सड़कें पानी में डूब गई हैं। जलभराव में दर्जनों गाड़ियां फंस गई हैं और कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया है। चीन के फजियान प्रांत में बाढ़ बारिश ने किस तरह तांडव मचा रखा है। यह ड्रोन की तस्वीरें उसी की गवाह है। ऐसा लग रहा है कि मानो शहर में पानी नहीं बल्कि पानी के बीचोंबीच शहर को बसाया गया है। जहां तक नजर जा रही है पूरा इलाका जलमग्न घर मकान चौक चौराहे और सैकड़ों की तादाद में गाड़ियां डूबी नजर आ रही हैं। आने वाले समय में और बारिश होने पर निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में खतरा बढ़ सकता है। जिनपिंग ने अपनी सेना को उतार दिया है। लेकिन स्थिति बेकाबू दिखाई दे रही है। प्रशासन के पसीने छूटे हुए हैं कि इस भीषण तबाही से कैसे निपटा जाए।