जल्द काबुल में चीन करेगा त्रिपक्ष बैठक, रूस ने पेश किया था प्रस्ताव; तालिबान के साथ होगा पहला सम्मेलन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 02, 2021

बीजिंग। चीन ने अफगानिस्तान के संबंध में विस्तारित ‘त्रोइका’ (त्रिपक्ष) की एक नयी बैठक काबुल में बुलाने के रूसी प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। पिछले महीने तालिबान द्वारा देश की सत्ता पर कब्जा करने के बाद इस तरह का यह पहला सम्मेलन होगा। रूसी समाचार एजेंसी स्पूतनिक ने रूस के उप विदेश मंत्री इगोर मोर्गुलोव के हवाले से कहा कि रूस की योजना वाणिज्यिक उड़ानों की बहाली के बाद काबुल में अफगानिस्तान पर विस्तारित ‘त्रोइका की एक नयी बैठक बुलाने की है। मोर्गुलोव ने कहा, ‘‘हम मानते हैं कि हमें अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ संयुक्त रूप से तत्काल स्थायित्व के लिए योगदान देना चाहिए। इसके लिए, हम स्थितियाों के अनुकूल होते ही काबुल में विस्तारित त्रोइका की एक नयी बैठक बुलाने की योजना बना रहे हैं, जिसमें रूस, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान शामिल हैं। मैं मुख्य रूप से वाणिज्यिक नागरिक विमानों की उड़ानों के लिए काबुल हवाई अड्डे के संचालन को फिर से शुरू करने का उल्लेख करता हूं।’’ तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने मंगलवार को मीडिया को बताया था कि काबुल हवाई अड्डे को आम लोगों के लिए फिर से खोलने के प्रयास जारी हैं।

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इस प्रारूप के तहत वार्ता पहले 18 मार्च और 30 अप्रैल को हुई थी। करीब दो दशक तक चले खर्चीले युद्ध के बाद अमेरिकी सैनिकों की अगस्त के आखिर में वापसी की अंतिम तारीख से 15 दिन पहले ही तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया और राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ कर संयुक्त अरब अमीरात चले गए। अमेरिका के लिए यह बिल्कुल नयी स्थिति है क्योंकि ‘त्रोइका’ की बैठक से पहले न केवल तालिबान ने देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया है बल्कि अमेरिकी सैनिकों को, काबुल हवाई अड्डे पर देश छोड़ कर जाने के लिए एकत्र अफगान लोगों की भीड़ के बीच, जल्दबाजी में वापस बुलाना पड़ा।

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