By अंकित सिंह | Oct 06, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पुलिस पार्टी कार्यकर्ताओं को नोटिस भेज रही है और उन पर 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में पार्टी के प्रस्तावित आंदोलन से दूर रहने का दबाव बना रही है। बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए दिपके ने यह भी दावा किया कि 'एक देश, एक चुनाव' सिर्फ़ एक नारा है और असल मकसद "एक देश, एक राजनीतिक पार्टी" है।
उन्होंने कहा कि मैंने कई बार कहा है कि महाराष्ट्र पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फ़ोर्स है और दिल्ली पुलिस को उनसे सीखना चाहिए। लेकिन यह दुख की बात है कि चंद्रपुर पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजकर जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने के लिए कहा। उन्होंने जंतर-मंतर तक यात्रा के खर्च के स्रोत के बारे में भी पूछा। दिपके ने सवाल किया कि पुलिस को कैसे पता चला कि विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाएगा।
उन्होंने पुलिस के उस निर्देश पर भी सवाल उठाए जिसमें CJP कार्यकर्ताओं से ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट न करने को कहा गया था जिनसे कथित तौर पर हिंसा भड़क सकती है। उन्होंने पूछा कि हम (महात्मा) गांधी और बी.आर. अंबेडकर के बारे में बात करते हैं। क्या उन्हें लगता है कि यह हिंसा फैलाने वाला है? विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों को लेकर अभियान शुरू किया है।