By अंकित सिंह | Oct 16, 2026
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने व्यापारियों के संगठनों की उन शिकायतों का जवाब दिया है, जिनमें उन्होंने शुक्रवार को समूह के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन के कारण व्यापार में नुकसान होने की बात कही थी। दिपके ने कहा कि व्यापार को नुकसान तब होता है जब सरकार पूरा शहर बंद कर देती है, न कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों की वजह से। यह प्रतिक्रिया तब आई है जब 'दिल्ली किराना कमिटी' और 'दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन' ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें उन्होंने चिंता जताई है कि कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से रोज़ाना 200 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो सकता है।
कॉजपा ने आम जनता और अपने समर्थकों से शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होने और राष्ट्रीय ध्वज लहराने की अपील की है। यह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनके विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है, जो मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हुई अनियमितताओं को लेकर किया जा रहा है। दीपके ने आरोप लगाया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही थीं और आसूचना ब्यूरो के कर्मियों ने उनके घर के बाहर तैनात चौकीदार से जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस मुझे आज रात या कल सुबह हिरासत में ले सकती है, लेकिन मैं नरेन्द्र मोदी से कहना चाहता हूं कि हम इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम बस इतना कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार को हटा दें और किसी और को नियुक्त करें। हम यह नहीं कह रहे कि हम सत्ता बदलना चाहते हैं। दीपके ने कहा कि हम बस इतना कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार को हटा दें - जो अपने साथी चुनाव आयुक्तों की बात तक नहीं सुन रहे हैं - और एक स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करें।