By अंकित सिंह | Oct 19, 2026
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेता रविवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में लगभग पांच घंटे तक इंतजार करते रहे। वे पार्टी के संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रंका की रिहाई के मामले में सुनवाई का इंतजार कर रहे थे, जो 14 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में हैं। हालांकि, मामले की सुनवाई करने वाले विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने धमकियों और मानसिक उत्पीड़न का हवाला देते हुए कार्यवाही को महज 8-10 मिनट में ही खत्म कर दिया। इस वजह से, लगातार पांचवें दिन भी उनकी रिहाई का मामला अनसुलझा ही रह गया।
पुलिस ने रविवार को एयरपोर्ट पर दिपके द्वारा दिए गए उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी अपनी आगे की रणनीति तय करेगी। हालांकि, CJP के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनकी कोई विरोध प्रदर्शन करने की योजना नहीं है और वे सोशल मीडिया पर भी इसके बारे में कुछ पोस्ट नहीं कर रहे हैं। संक्षिप्त कार्यवाही के दौरान, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि SEM (पुलिस अधिकारी) महेश कुमार मीना को इन दो लोगों को न्यायिक हिरासत में रखने के कारण धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और उन्हें खतरा भी है।
वहां मौजूद लोगों के अनुसार, जब SEM जाने की तैयारी कर रहे थे, तब सरकारी वकील ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। CJP सदस्यों का आरोप है कि सरकारी वकील तब सामने आए, जब इन दोनों की रिहाई को लेकर तीन दिनों तक कार्यवाही चली थी। बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि SEM को मिली धमकियों की शिकायत के आधार पर एक FIR दर्ज की गई है।