By एकता | Aug 16, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए दिमागी नक्सल वाले बयान पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बदलाव की घंटी बज चुकी है और देश के लोगों के जागने का समय आ गया है। दास ने सवाल उठाया कि अपनी मांगों और अधिकारों के लिए सरकार से सवाल पूछने वाले पढ़े-लिखे युवाओं को आखिर किस आधार पर नक्सली कहा जा सकता है।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल युवाओं की आवाज को दबाने के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे सरकार का अहंकार बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह से विफल रही है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग 'आपका जेन-जी बनाम हमारा जेन-जी' जैसा नैरेटिव बनाकर देश के युवाओं को आपस में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: P Chidambaram ने PM Modi के बयान पर किया पलटवार, कहा दिमागी नक्सली होने पर गर्व है
सौरव दास ने अपने संदेश में कहा कि लगभग 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद देश सही मायनों में आजादी का अहसास कर रहा है और लोगों के मन से डर का माहौल खत्म हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अब एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है, जहां शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के जरिए जनता अपनी बात रख रही है। उन्होंने कहा कि देश के हर जिले में एक 'जंतर-मंतर' खड़ा हो रहा है, जहां लोग एकजुट होकर भ्रष्ट, अक्षम और अहंकारी शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।