By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 16, 2026
जून से अगस्त के बीच जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी खतरनाक गर्मी का कम से कम 30 दिनों तक सामना करने वाले लोगों की संख्या भारत में दुनिया में सबसे अधिक रही और करीब 11.7 करोड़ लोग इससे प्रभावित हुए। एक नये विश्लेषण में यह जानकारी दी गई। विश्लेषण में ‘जोखिम वाले गर्म दिनों’ को उन दिनों के रूप में माना गया है, जब तापमान उस जगह के सामान्य तापमान की तुलना में बहुत ज्यादा हो।
इसमें यह भी कहा गया है कि मुंबई में सबसे अधिक 86 ऐसे दिन रहे। विश्लेषण के अनुसार, श्रीनगर में ऐसे जोखिम भरे 53 गर्म दिन दर्ज किए गए। इसके बाद चेन्नई (40 दिन), राजकोट (29 दिन), अमृतसर (29 दिन) और लखनऊ (27 दिन) का स्थान रहा।
दुनिया भर में जून और अगस्त के बीच 1.5 अरब से अधिक लोगों ने जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ी हुई खतरनाक गर्मी का सामना 30 या उससे अधिक दिनों तक किया। विश्लेषण के अनुसार, खतरनाक गर्मी का सामना करने वाली सबसे अधिक आबादी एशिया में रही। इस दौरान महाद्वीप की आबादी के 58 प्रतिशत लोग कम से कम 30 दिनों तक खतरनाक गर्मी की चपेट में रहे।